बहुप्रतीक्षित सिमरिया-मोकामा नया डबल ट्रैक पुल चालू, 2400 करोड़ की परियोजना पर दौड़ी रेल
*रेल मंत्री वैष्णव बोले – बिहार में निर्बाध यात्राओं का नया युग शुरू, वीडियो जारी कर दी जानकारी*

*नितेश सिंह राजपूत*
*बेगूसराय/मोकामा।* उत्तर और दक्षिण बिहार के बीच सफर अब आसान हो गया है। बेगूसराय-मोकामा के बीच गंगा पर बना बहुप्रतीक्षित नया डबल ट्रैक रेल पुल पूरी तरह तैयार है और सोमवार से इस पर ट्रेनों का परिचालन शुरू हो गया है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने रविवार शाम पुल का वीडियो जारी करते हुए कहा कि पूरे बिहार में अधिक निर्बाध यात्राएं शुरू होंगी, यह नया लिंक मील का पत्थर साबित होगा।
*सीआरएस ने दी हरी झंडी, रात 12 बजे से खुला डबल ट्रैक*
पूर्वी सर्किल कोलकाता के रेल संरक्षा आयुक्त गुरु प्रकाश ने 3 और 4 अक्टूबर को दो दिवसीय अंतिम संरक्षा निरीक्षण कर हरी झंडी दी। इसके बाद रविवार रात 12 बजे से पुल को ट्रेनों के लिए खोल दिया गया। नई लाइन पर सबसे पहले 18625 पूर्णिया-हटिया कोशी एक्सप्रेस और महानंदा एक्सप्रेस दौड़ीं, जिन्होंने राजेंद्र पुल से हाथीदह की दूरी मात्र 13 मिनट में पूरी की, जबकि पुराने राजेंद्र सेतु पर 25-30 मिनट लगते थे।इस परियोजना की कुल लागत लगभग 2400 करोड़ रुपये है। गंगा पर मुख्य पुल की लंबाई 1.9 किमी है, जबकि पूरी परियोजना की कुल लंबाई 15.5 किमी है।
यह पुल 2019-20 में शुरू हुई योजना के तहत करीब 5-6 वर्षों में बनकर तैयार हुआ है। अब इस रूट पर कुल तीन लाइनें हो गई हैं – दो नई लाइनें नए पुल पर और एक पुरानी राजेंद्र सेतु पर, नए पुल पर ट्रेनें 90 से 140 किमी/घंटा की रफ्तार से चल सकेंगी, जबकि पुराने पुल पर सीमा 40-50 किमी थी। बताया जा रहा है कि पुराने पुल से सिर्फ मालगाड़ी चलाई जाएगी, वहीं नए पुल से एक्सप्रेस एवं पैसेंजर ट्रेनें चलेंगी। *यात्रियों में खुशी, नया पुल बना आकर्षण का केंद्र*
वहीं सोमवार को सहरसा-हटिया 18625 और सहरसा-राजेंद्र नगर ट्रेनें इसी नए रेल ब्रिज से सफर तय कर गंतव्य तक गईं। इस डबल रेल ब्रिज से सफर करने वाले यात्रियों में काफी खुशी देखी गई। पहली बार 13 मिनट में गंगा पार करने का अनुभव यात्रियों के लिए यादगार रहा। जानकारी के मुताबिक जल्द ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी इसका औपचारिक उद्घाटन का भी करेंगे ।

