लेखक: राजेश कुमार
विश्व स्वच्छता दिवस पर विशेष पहल
विश्व स्वच्छता दिवस के अवसर पर बिहार के बेगूसराय जिले में पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक प्रेरणादायक पहल देखने को मिली। इस दिवस का मुख्य उद्देश्य वैश्विक स्तर पर स्वच्छता और स्वच्छ वातावरण के प्रति जागरूकता फैलाना है। भारत में स्वच्छ भारत मिशन के तहत यह दिवस विशेष महत्व रखता है, क्योंकि यह नागरिकों को अपने आसपास के वातावरण को स्वच्छ रखने के लिए प्रेरित करता है। इसी कड़ी में खोदावंदपुर प्रखंड क्षेत्र में एक अनूठा कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसने स्थानीय ग्रामीणों और पर्यावरण प्रेमियों में नई ऊर्जा का संचार किया।
विश्व स्वच्छता दिवस पर नागाधाम में पौधारोपण
विश्व स्वच्छता दिवस के अवसर पर खोदावंदपुर प्रखंड क्षेत्र के चर्चित युवा पर्यावरण कार्यकर्ता एवं ‘युवा ऑक्सीजन मैन’ सरोज कुमार ने रविवार को बरियारपुर पश्चिमी पंचायत स्थित नागाधाम, तारा बरियारपुर परिसर में पौधारोपण किया.
इस दौरान उन्होंने पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए अधिक से अधिक पौधे लगाने की अपील की.
सरोज कुमार ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के लिए पौधारोपण के साथ-साथ जल एवं ऊर्जा का संरक्षण, प्लास्टिक के उपयोग में कमी तथा लोगों के बीच जागरूकता फैलाना जरूरी है.
पर्यावरण जीवन का आधार है. इसकी रक्षा कर ही आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वस्थ और सुरक्षित भविष्य सुनिश्चित किया जा सकता है.
उन्होंने कहा कि स्वस्थ जीवन के लिए स्वच्छ एवं हरा-भरा पर्यावरण आवश्यक है. इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को पर्यावरण संरक्षण में अपनी भूमिका निभानी चाहिए.
पर्यावरण संरक्षण की दिशा में सामुदायिक भागीदारी
इस मौके पर चंद्रगुप्त मुनि ने कहा कि स्वच्छता अभियान केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि जनभागीदारी से चलने वाला अभियान है.
इसमें आम नागरिकों, स्वयंसेवी संगठनों और विभिन्न समुदायों की सक्रिय भागीदारी जरूरी है.
जागरूकता बढ़ने से सार्वजनिक स्थलों पर स्वच्छता को लेकर लोगों में जिम्मेदारी की भावना विकसित हो रही है.
सरोज कुमार: युवा ऑक्सीजन मैन की मुहिम
सरोज कुमार, जिन्हें क्षेत्र में ‘युवा ऑक्सीजन मैन’ के नाम से जाना जाता है, पिछले कई वर्षों से पर्यावरण संरक्षण के लिए समर्पित भाव से कार्य कर रहे हैं। उन्होंने अब तक हजारों पौधे लगाए हैं और उनकी देखभाल की जिम्मेदारी भी स्वयं उठाते हैं। उनकी यह मुहिम केवल पौधारोपण तक सीमित नहीं है, बल्कि वे ग्रामीण स्तर पर जल संरक्षण, ऊर्जा बचत और प्लास्टिक मुक्त वातावरण बनाने के लिए निरंतर जागरूकता अभियान चलाते रहते हैं। उनके प्रयासों से प्रेरित होकर स्थानीय युवा भी इस अभियान से जुड़ रहे हैं, जिससे एक हरित क्रांति की शुरुआत हो रही है। सरोज कुमार का मानना है कि यदि हर व्यक्ति अपने जन्मदिन या किसी खास अवसर पर एक पौधा लगाए और उसे पेड़ बनने तक संरक्षित करे, तो जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से प्रभावी ढंग से निपटा जा सकता है।
नागाधाम का धार्मिक एवं पारिस्थितिक महत्व
बरियारपुर पश्चिमी पंचायत स्थित नागाधाम, तारा बरियारपुर न केवल एक प्रसिद्ध धार्मिक स्थल है, बल्कि यह क्षेत्र की पारिस्थितिकी का भी अभिन्न अंग है। धार्मिक स्थलों पर पौधारोपण का विशेष महत्व है, क्योंकि यहां आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों तक पर्यावरण संरक्षण का संदेश सहजता से पहुंचता है। मंदिर परिसर में लगे ये पौधे भविष्य में छाया, ऑक्सीजन और सौंदर्य प्रदान करेंगे। चंद्रगुप्त मुनि जैसे संतों का इस अभियान से जुड़ना सामाजिक और धार्मिक नेतृत्व की पर्यावरण के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उनके कथनानुसार, स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण किसी एक विभाग का नहीं, बल्कि पूरे समाज का दायित्व है।
स्वच्छ भारत मिशन और जनभागीदारी
भारत सरकार का स्वच्छ भारत मिशन जनभागीदारी के इसी सिद्धांत पर आधारित है। जब तक आम नागरिक स्वच्छता को अपनी दिनचर्या का हिस्सा नहीं बनाएंगे, तब तक कोई भी सरकारी योजना अपने पूर्ण लक्ष्य को प्राप्त नहीं कर सकती। खोदावंदपुर में आयोजित यह कार्यक्रम इसी जनभागीदारी का जीवंत उदाहरण है। यहां उपस्थित ग्रामीणों, युवाओं और बुजुर्गों ने न केवल पौधे लगाए, बल्कि उनकी आजीवन देखभाल का संकल्प भी लिया। यह संकल्प ही इस अभियान की सफलता की कुंजी है। विशेषज्ञों के अनुसार, एक परिपक्व पेड़ वर्ष भर में लगभग 22 किलोग्राम कार्बन डाइऑक्साइड अवशोषित करता है और चार व्यक्तियों के लिए पर्याप्त ऑक्सीजन छोड़ता है। इस लिहाज से नागाधाम में लगाए गए पौधे आने वाले दशकों में क्षेत्र के पर्यावरणीय स्वास्थ्य में महत्वपूर्ण योगदान देंगे।
इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने पौधों की देखभाल और पर्यावरण संरक्षण में निरंतर सहयोग करने का संकल्प लिया.

