लेखक: राष्ट्र संवाद
बेगूसराय: बिहार की राजनीति में तेजी से उभरती शक्ति प्रशांत किशोर ने रविवार को दिनकर टाउन हॉल में आयोजित शिक्षा संवाद सह शिक्षक समागम में हजारों की संख्या में उपस्थित शिक्षकों को संबोधित करते हुए उनसे अपने संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए एकजुट होने का पुरजोर आह्वान किया। जन सुराज पार्टी के संस्थापक ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि शिक्षकों को जाति, धर्म और संप्रदाय की बेड़ियों को तोड़कर अपने हितों को सर्वोपरि रखते हुए मतदान करना चाहिए। यह सम्मेलन बिहार के शैक्षणिक परिदृश्य और राजनीतिक समीकरणों के लिहाज से एक निर्णायक मोड़ साबित हो सकता है।
प्रशांत किशोर ने उठाईं शिक्षकों की प्रमुख मांगें
जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने रविवार को दिनकर टाउन हॉल में आयोजित शिक्षा संवाद सह शिक्षक समागम को संबोधित करते हुए शिक्षकों से अपने अधिकारों के लिए संगठित होने की अपील की। उन्होंने कहा कि शिक्षक जाति, धर्म और संप्रदाय से ऊपर उठकर अपने हितों को ध्यान में रखते हुए मतदान करें। कार्यक्रम में उन्होंने दरभंगा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से जन सुराज के प्रत्याशी डॉ. एस.पी राय के समर्थन की अपील की। पार्टी ने रविवार को एस.पी राय समेत पांच विधान परिषद सीटों के लिए अपने प्रत्याशियों की घोषणा की है।
प्रशांत किशोर ने कहा कि शिक्षकों की प्रमुख मांगों में सातवें वेतनमान का लाभ, वित्त रहित एवं वित्तपोषित शिक्षण संस्थानों की समस्याओं का समाधान तथा शिक्षकों को गैर-शैक्षणिक कार्यों में नहीं लगाने की मांग शामिल है। उन्होंने कहा कि शिक्षकों की समस्याओं को लेकर संघर्ष किया जाएगा। उन्होंने दावा किया कि बिहार के करीब छह लाख शिक्षक यदि संगठित होकर अपनी मांगों के लिए आवाज उठाएंगे तो सरकार पर उनकी मांगों को लेकर दबाव बनेगा। उन्होंने कहा कि उनके और उनके परिवार पर शिक्षकों का ऋण है। उन्होंने स्वयं को मां सरस्वती का उपासक बताते हुए कहा कि शिक्षक समाज की महत्वपूर्ण भूमिका है। प्रशांत किशोर ने बेगूसराय के सांसद गिरिराज सिंह पर भी टिप्पणी की और कहा कि क्षेत्र के लोगों को शिक्षा एवं अन्य जनहित के मुद्दों पर ध्यान देना चाहिए।
दरभंगा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से प्रत्याशी डॉ. एस.पी. राय का संबोधन
दरभंगा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से जन सुराज प्रत्याशी डॉ. एस.पी राय ने शिक्षकों की विभिन्न समस्याओं को विस्तार से रखा। उन्होंने कहा कि शिक्षकों के हितों की लड़ाई को मजबूती से आगे बढ़ाया जाएगा।
उच्च माध्यमिक विद्यालय रातगांव, तेघड़ा की प्रधानाध्यापिका प्रज्ञा ने शिक्षकों से जाति, धर्म एवं संप्रदाय से ऊपर उठकर शिक्षार्थियों और शिक्षकों के हित में एकजुट होने की अपील की। प्रमंडल के संयुक्त सचिव अरुण हरि ने भी शिक्षकों से अपने अधिकारों और बच्चों के भविष्य को ध्यान में रखकर मतदान करने की बात कही।
इससे पहले प्रशांत किशोर समेत अन्य अतिथियों ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया। कार्यक्रम को जीडी कॉलेज के प्रो. डॉ. शशिकांत पांडेय, डॉ. मुकेश एवं जन सुराज के जिलाध्यक्ष सोनू शंकर ने भी संबोधित किया। मौके पर जन सुराज के प्रदेश अध्यक्ष मनोज कुमार भारती, संजय गौतम, रजनीश कुमार, आरएन सिंह, महिला प्रकोष्ठ की जिलाध्यक्ष किरण कुमारी, रूपम कुमारी, पूर्व मुखिया टिंकू राय समेत अन्य नेता एवं बड़ी संख्या में शिक्षक मौजूद थे।
इस महासम्मेलन ने बिहार की राजनीति में शिक्षक समुदाय की बढ़ती निर्णायक भूमिका को रेखांकित किया है। प्रशांत किशोर की अगुवाई में जन सुराज पार्टी द्वारा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में मजबूत प्रत्याशी उतारने की रणनीति से आगामी विधान परिषद चुनावों में रोचक मुकाबला होने की उम्मीद है। जानकारों का मानना है कि यदि शिक्षकों की यह एकजुटता जमीन पर उतरी तो यह बिहार की शैक्षणिक व्यवस्था और राजनीतिक समीकरण दोनों को बदलने की क्षमता रखती है। सातवें वेतनमान और गैर-शैक्षणिक कार्यों से मुक्ति जैसे मुद्दे लंबे समय से लंबित हैं और इन पर ठोस कार्रवाई की दरकार है। चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूची से संबंधित अधिक जानकारी के लिए आप भारत निर्वाचन आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर जा सकते हैं।

