लेखक: नितेश सिंह राजपूत
बखरी अनुमंडल व्यवहार न्यायालय में शनिवार को उस समय हलचल बढ़ गई जब पटना हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति सह बेगूसराय के निरीक्षी न्यायाधीश अजीत कुमार औचक निरीक्षण पर पहुंचे। उनके इस दौरे को न्यायिक व्यवस्था में पारदर्शिता और बुनियादी ढांचे के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। न्यायमूर्ति अजीत कुमार ने न केवल कोर्ट रूम और कार्यालयों का बारीकी से मुआयना किया, बल्कि प्रस्तावित न्यायालय भवन के लिए चिह्नित भूमि का भी स्थल निरीक्षण कर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। यह निरीक्षण बखरी क्षेत्र में न्यायिक सेवाओं की गुणवत्ता बढ़ाने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित हो सकता है।
पटना हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति सह बेगूसराय के निरीक्षी न्यायाधीश अजीत कुमार ने शनिवार को बखरी अनुमंडल व्यवहार न्यायालय का निरीक्षण किया।
न्यायालय परिसर पहुंचने पर ACJM मनोज कुमार सिंह और JM प्रथम श्रेणी मजिस्ट्रेट आदित्य आनंद ने पुष्पगुच्छ देकर उनका स्वागत किया। उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया।
निरीक्षण के दौरान अजीत कुमार ने दिए अहम निर्देश
निरीक्षी न्यायमूर्ति ने विभिन्न कोर्ट, कार्यालयों और अभिलेखागार का गहन निरीक्षण किया। न्यायालय संचालन, फाइलों के रखरखाव और कार्यप्रणाली की जानकारी ली और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
निरीक्षण के क्रम में न्यायमूर्ति अजीत कुमार ने लंबित वादों के त्वरित निष्पादन पर विशेष जोर दिया। उन्होंने अभिलेखागार में फाइलों के व्यवस्थित रखरखाव और डिजिटलीकरण की प्रक्रिया में तेजी लाने का निर्देश दिया। कोर्ट मैनेजर परितोष और सिस्टम ऑफिसर अरमान फैयज को ई-कोर्ट परियोजना के तहत लंबित डाटा एंट्री को अविलंब पूरा करने को कहा गया। साथ ही, न्यायालय परिसर में साफ-सफाई, पेयजल और शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाओं को दुरुस्त करने का आदेश दिया गया।
प्रस्तावित न्यायालय भवन की भूमि का जायजा
इसके बाद उन्होंने अनुमंडल कार्यालय के निकट शकरपुरा-महुआरी में प्रस्तावित अनुमंडलीय न्यायालय के लिए चिह्नित भूमि का स्थल निरीक्षण किया। पहुंच पथ और सुविधाओं को लेकर अधिकारियों से चर्चा की।
प्रस्तावित स्थल पर पहुंचकर न्यायमूर्ति अजीत कुमार ने भूमि की भौगोलिक स्थिति, पहुंच पथ की उपलब्धता और भविष्य में विस्तार की संभावनाओं का गहन अवलोकन किया। उन्होंने एसडीएम सन्नी कुमार सौरव और डीसीएलआर ललित कुमार सिंह को निर्देश दिया कि पहुंच पथ का निर्माण प्राथमिकता के आधार पर कराया जाए। साथ ही, भूमि की घेराबंदी और सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा ताकि अतिक्रमण न हो। इस पहल से बखरी वासियों को निकट भविष्य में एक आधुनिक न्यायालय भवन की सौगात मिलने का रास्ता साफ होता दिख रहा है।
अधिवक्ता संघ के साथ संवाद
बाद में उन्होंने अधिवक्ता संघ के साथ बैठक कर वकीलों की समस्याएं और सुझाव सुने। अधिवक्ताओं ने कोर्ट से जुड़ी सुविधाओं और जरूरतों को उनके समक्ष रखा।
अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष राजकुमार और महासचिव रामप्रवेश वर्मा के नेतृत्व में वकीलों के प्रतिनिधिमंडल ने न्यायमूर्ति अजीत कुमार के समक्ष बार रूम का विस्तार, पुस्तकालय की स्थापना, वकीलों के लिए बैठने की समुचित व्यवस्था और मुवक्किलों के लिए शेड निर्माण जैसी मांगें रखीं। न्यायमूर्ति ने उनकी मांगों को गंभीरता से सुना और यथासंभव सहयोग का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि बार और बेंच के बीच बेहतर समन्वय से ही न्यायिक प्रणाली सुदृढ़ होती है।
इस महत्वपूर्ण दौरे के दौरान जिला जज ऋषिकांत, निरीक्षी जज के निजी सचिव मो. परवेज आलम, इंस्पेक्टिंग टीम हेड अतुल कुमार सिंह, घनश्याम कुमार, मनोहर कुमार, कोर्ट मैनेजर परितोष, सिस्टम ऑफिसर अरमान फैयज, एसडीएम सन्नी कुमार सौरव, एसडीपीओ कुंदन कुमार, डीसीएलआर ललित कुमार सिंह, सीओ उत्पल हिमवान, अधिवक्ता संघ अध्यक्ष राजकुमार, महासचिव रामप्रवेश वर्मा, अधिवक्ता गौरव कुमार सहित बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद थे। इस निरीक्षण से न्यायिक प्रशासन में जवाबदेही और पारदर्शिता का नया अध्याय शुरू होने की उम्मीद है। अधिक जानकारी के लिए पटना हाईकोर्ट की आधिकारिक वेबसाइट देखें।
निरीक्षी न्यायमूर्ति अजीत कुमार का यह दौरा बखरी न्यायिक क्षेत्र के लिए मील का पत्थर साबित हो सकता है। प्रस्तावित कोर्ट भवन के निर्माण में तेजी आने और मौजूदा सुविधाओं में सुधार से आम जनता को सीधा लाभ होगा। अधिवक्ता संघ ने भी उनकी सक्रियता की सराहना करते हुए उम्मीद जताई कि उनकी मांगों पर जल्द अमल होगा। न्यायिक व्यवस्था को जनोन्मुखी बनाने की दिशा में यह कदम सराहनीय है।

