राष्ट्र संवाद संवाददाता
सभी तस्वीर उमाशंकर दुबे
टिनप्लेट हादसे के बाद कंपनी परिसर में तनाव का माहौल बना हुआ है और मुआवजे की मांग को लेकर धरना प्रदर्शन जारी है।
टिनप्लेट हादसे के बाद मुआवजे को लेकर गतिरोध
जमशेदपुर। टिनप्लेट विस्तार परियोजना में हुए हादसे में ठेका मजदूर की मौत के बाद कंपनी परिसर का माहौल गरमा गया। मृतक के परिजनों को मुआवजा देने की मांग को लेकर भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष सह विधायक प्रतिनिधि गुंजन यादव आक्रोशित नजर आए और धरने पर बैठ गए।

इस दौरान शुरुआती दौर में भाजपा और कांग्रेस समर्थकों के बीच तीखी नोकझोंक भी देखने को मिली। बाद में मृतक के परिजनों को मुआवजा दिलाने की मांग को लेकर गुंजन यादव के समर्थक तथा कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष आनंद बिहारी दुबे राजेश चौधरी अपने-अपने समर्थकों के साथ कंपनी परिसर में धरने पर बैठ गए।

बताया गया कि धरना के दौरान मृतक के परिजनों को 50 लाख रुपये मुआवजा देने की मांग की जा रही है। शुरुआती स्थिति में कंपनी के सिक्योरिटी के वरीय पदाधिकारी अखिलेश चौधरी ने काफी मशक्कत के बाद गुंजन यादव और माहौल को शांत कराया। हालांकि बाद में सभी लोग दोबारा धरने पर बैठ गए।
मुआवजे और अन्य मांगों को लेकर कंपनी प्रबंधन के साथ बातचीत का प्रयास जारी रहा। समाचार लिखे जाने तक मुआवजे को लेकर कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ था। हादसे के बाद कंपनी परिसर में सुरक्षा और ठेका मजदूरों की स्थिति को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। टाटा स्टील आधिकारिक वेबसाइट पर अधिक जानकारी के लिए विजिट करें।

*मुआवजे और नौकरी की मांग पर अड़े परिजन*
हादसे की खबर मिलते ही मृतक संजय शर्मा के परिजन कंपनी परिसर में पहुंच गए, जहां उनका रो-रोकर बुरा हाल है. परिजन कंपनी प्रबंधन से 50 लाख रुपये आर्थिक सहायता देने और परिवार के एक आश्रित को कंपनी में स्थायी नौकरी दिए जाने की मांग पर अड़े हुए हैं. इसके साथ ही, मृतक का अंतिम संस्कार और श्राद्धकर्म का सारा खर्च कंपनी द्वारा वहन किए जाने की मांग भी की गई है. परिजनों का साफ कहना है कि जब तक इन मांगों पर लिखित आश्वासन नहीं मिलता, तब तक वे और ग्रामीण कंपनी परिसर से हटने को तैयार नहीं हैं.
मृतक के परिजन को तत्काल 20 लाख मुआवजा, हर माह ₹25 हजार की आर्थिक सहायता
हादसे में मृत ठेका मजदूर के परिजन को तत्काल ₹20 लाख मुआवजा दिया जाएगा। इसके अलावा परिवार को हर महीने ₹25,000 की आर्थिक सहायता मिलेगी। यह सहायता मृतक की निर्धारित नौकरी की उम्र तक जारी रहेगी और हर वर्ष मासिक सहायता राशि में ₹1,000 की बढ़ोतरी की जाएगी।
इस व्यवस्था के तहत मृतक के परिजन को कुल मिलाकर लगभग ₹55 लाख की आर्थिक सहायता मिलने की बात सामने आई है।

