ट्रेन से गिरकर सूरत से लौट रहे युवक की मौत: बखरी में मातम
बखरी थाना क्षेत्र के सिमरी गांव में **ट्रेन से गिरकर सूरत से लौट रहे युवक की मौत** का दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। परदेश में मेहनत-मजदूरी कर परिवार का पेट पालने वाले एक युवक की जिंदगी घर की दहलीज पर कदम रखने से पहले ही खत्म हो गई। इस हृदयविदारक घटना से पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है। मृतक की पहचान सिमरी गांव निवासी मो. अजीम अंसारी के मंझले पुत्र **मो. चांद आलम** के रूप में हुई है। वह गुजरात के **सूरत** शहर में रहकर काम करते थे और कमाई लेकर ट्रेन से अपने घर लौट रहे थे।
दिलदारनगर जंक्शन के पास हुआ हादसा
घटना **गुरुवार** की बताई जा रही है। उत्तर प्रदेश के **गाजीपुर** व बिहार के **बक्सर** जिले की सीमा पर स्थित **दिलदारनगर जंक्शन** के पास चलती ट्रेन से गिरने से उनकी मौत हो गई। हादसे की सूचना मिलते ही **जीआरपी** व स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। दिलदारनगर पुलिस ने मृतक के पास मिले **आधार कार्ड** से उसकी पहचान कर **बखरी पुलिस** को सूचना दी।
परिजनों को दी गई मनहूस खबर
बखरी थानाध्यक्ष **अरविंद कुमार यादव** ने परिजनों को घटना की जानकारी दी। खबर मिलते ही परिजनों में **कोहराम** मच गया। मां अपने लाल के आने का इंतजार कर रही थी, लेकिन बेटे के आने की जगह उसकी मौत की मनहूस खबर आई। परिजन **मो. जब्बार**, **मो. नौसाद** व अन्य रिश्तेदार शव लेने के लिए दिलदारनगर रवाना हो गए हैं। पुलिस पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपेगी। **शुक्रवार शाम** तक शव गांव पहुंचने की संभावना है।
पुलिस जांच और कानूनी प्रक्रिया
जीआरपी अधिकारियों के अनुसार, मामले की जांच शुरू कर दी गई है। यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि युवक चलती ट्रेन के गेट पर खड़ा था या फिर भीड़भाड़ के कारण धक्का लगने से गिरा। रेलवे एक्ट के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जाएगी। परिजनों को रेलवे की ओर से मिलने वाली अनुग्रह राशि के बारे में भी जानकारी दी गई है। रेलवे नियमों के तहत यात्रा के दौरान दुर्घटना में मौत होने पर आश्रितों को मुआवजे का प्रावधान है, जिसके लिए क्लेम दायर करना होता है।
प्रवासी मजदूरों की सुरक्षा पर उठे सवाल
इस घटना ने एक बार फिर **प्रवासी मजदूरों** की यात्रा सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। त्योहारों या छुट्टियों के सीजन में ट्रेनों में होने वाली भीड़भाड़ अक्सर जानलेवा साबित होती है। सिमरी गांव के ग्रामीणों का कहना है कि सरकार को जनरल बोगियों की संख्या बढ़ानी चाहिए ताकि मजदूर वर्ग सुरक्षित यात्रा कर सके। मो. चांद आलम जैसे न जाने कितने युवा रोजी-रोटी के लिए घर से दूर जाते हैं और असमय हादसों का शिकार हो जाते हैं।
- मृतक: मो. चांद आलम (पुत्र मो. अजीम अंसारी)
- निवासी: सिमरी गांव, बखरी, बेगूसराय
- घटनास्थल: दिलदारनगर जंक्शन (गाजीपुर/बक्सर सीमा)
- कारण: चलती ट्रेन से गिरना
- पहचान: आधार कार्ड के माध्यम से
रेलवे हेल्पलाइन और सहायता
ऐसी किसी भी आपात स्थिति में रेलवे ने हेल्पलाइन नंबर **139** जारी किया है। परिजन इस नंबर पर कॉल करके सहायता ले सकते हैं। इसके अलावा, Indian Railways की आधिकारिक वेबसाइट पर भी शिकायत दर्ज कराने की सुविधा उपलब्ध है। बखरी प्रशासन ने पीड़ित परिवार को हर संभव सरकारी सहायता दिलाने का आश्वासन दिया है।
गांव में पसरा मातमी सन्नाटा
शव आने के इंतजार में सिमरी गांव के लोग दरवाजे पर टकटकी लगाए बैठे हैं। मो. अजीम अंसारी के घर पर संवेदना व्यक्त करने वालों का तांता लगा हुआ है। गांव के बुजुर्गों का कहना है कि चांद आलम बेहद मिलनसार और मेहनती लड़का था। उसकी मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। अंतिम संस्कार की तैयारियां की जा रही हैं। पूरा गांव इस असहनीय पीड़ा में परिवार के साथ खड़ा है।

