“खनिज हमारा, अधिकार तुम्हारा नहीं चलेगा”, केंद्र की नीतियों के खिलाफ 19 सितंबर को पोटका विधानसभा की एक एक जनता करेगी प्रदर्शन : संजीव सरदार
एमएमडीआर बिल पर झामुमो का हुंकार, जनाक्रोश रैली के रूप में तीनों प्रखंड मुख्यालय पहुंचेंगे कार्यकर्ता और आम लोग
राष्ट्र संवाद संवाददाता
पोटका। झामुमो पोटका प्रखंड कमिटी की बैठक मंगलवार को हाता स्थित विधायक कार्यालय में प्रखंड अध्यक्ष सुधीर सोरेन की अध्यक्षता में हुई। बैठक में प्रदेश कमिटी के निर्देश पर आगामी 19 सितंबर को केंद्र सरकार द्वारा पारित खान एवं खनिज (संशोधन) विधेयक (एमएमडीआर) के खिलाफ आयोजित जनाक्रोश रैली एवं विरोध प्रदर्शन की तैयारियों की समीक्षा की गई। बैठक में पोटका विधानसभा क्षेत्र के तीनों प्रखंडों में होने वाले कार्यक्रम को सफल बनाने और अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने को लेकर कार्यकर्ताओं को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

झारखंड के अधिकारों के हनन का लगाया आरोप
बैठक को संबोधित करते हुए पोटका विधायक संजीव सरदार ने केंद्र सरकार पर झारखंड के अधिकारों के हनन का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार कथित तौर पर एक साजिश के तहत झारखंड के हितों और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को प्रभावित करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि झारखंड के अधिकारों और हितों से जुड़े मुद्दों पर किसी भी कीमत पर समझौता नहीं किया जाएगा।
जनाक्रोश रैली के रूप में प्रखंड मुख्यालय पहुंचेंगे लोग
विधायक ने कहा कि 19 सितंबर को पोटका विधानसभा क्षेत्र के अलग-अलग इलाकों से झामुमो कार्यकर्ता और आम जनता जनाक्रोश रैली के रूप में एकजुट होकर अपने-अपने प्रखंड मुख्यालय पहुंचेंगे। रैली के माध्यम से लोग केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद करेंगे और प्रखंड मुख्यालय पहुंचकर विरोध प्रदर्शन कर अपना आक्रोश दर्ज कराएंगे। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ पार्टी कार्यकर्ताओं का कार्यक्रम नहीं, बल्कि झारखंड के अधिकारों और हितों से जुड़े सवालों पर जनता की आवाज को मजबूती देने का प्रयास है।
“खनिज हमारा, राज तुम्हारा—यह नीति अब नहीं चलेगी”
संजीव सरदार ने कहा कि जिस तरह अलग झारखंड राज्य के आंदोलन के दौरान आम जनता अपने अधिकारों के लिए सड़क पर उतरी थी, उसी तरह अब केंद्र की नीतियों के खिलाफ भी जनता को एकजुट होकर आवाज बुलंद करने का समय आ गया है। उन्होंने झामुमो कार्यकर्ताओं से समाज के हर वर्ग के लोगों को जनाक्रोश रैली में शामिल होने के लिए आमंत्रित करने की अपील की।
उन्होंने कहा, “खनिज हमारा, राज तुम्हारा—यह नीति अब नहीं चलेगी। झारखंड के अधिकारों के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।” विधायक ने ग्रामीणों से अपील करते हुए कहा कि केंद्र सरकार की नीतियों के विरोध में 19 सितंबर को सुबह 11 बजे भारी संख्या में अपने-अपने प्रखंड मुख्यालय पहुंचें और जनाक्रोश रैली एवं विरोध प्रदर्शन को सफल बनाएं।
गांव-गांव जनसंपर्क कर लोगों को जोड़ने का निर्देश
बैठक में कार्यकर्ताओं से पंचायत और गांव स्तर पर जनसंपर्क अभियान तेज करने को कहा गया। विधायक ने कहा कि रैली में समाज के हर वर्ग की भागीदारी सुनिश्चित होनी चाहिए, ताकि झारखंड के अधिकारों से जुड़े इस मुद्दे पर व्यापक जनआवाज सामने आए। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आपसी समन्वय के साथ तैयारी करने और अधिक से अधिक लोगों को कार्यक्रम से जोड़ने का आह्वान किया।
34 पंचायतों के कार्यकर्ताओं की रही भागीदारी
बैठक में सुनील महतो, बबलू चौधरी, हीरामनी मुर्मू, चंद्रावती महतो, विद्यासागर दास, भुगलु टुडू, कार्तिक मुर्मू, दीपक भगत, दुखु मार्डी, सुधीर सोरेन, भुवनेश्वर सरदार, हितेश भगत, चक्रधर महतो, मो. जमाल, भूपति महतो, बनमाली महतो, बीरेन पात्र समेत पोटका की सभी 34 पंचायतों के झामुमो कार्यकर्ता उपस्थित रहे। बैठक में 19 सितंबर के जनाक्रोश रैली एवं विरोध प्रदर्शन को सफल बनाने के लिए पंचायतवार तैयारियों और जनभागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया गया।

