लेखक: राष्ट्र संवाद संवाददाता
यूसीआईएल जादूगोड़ा माइंस की ठेका व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाते हुए वरिष्ठ भाजपा कार्यकर्ता सतीश सिंह ने उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि ठेका मजदूरों की आठ सूत्री मांगों को लेकर हाल में हुए आंदोलन के बाद भी कई मुद्दों पर असंतोष बना हुआ है।
यूरेनियम कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (यूसीआईएल) की जादूगोड़ा माइंस में ठेका मजदूरों से जुड़े मामलों को लेकर वरिष्ठ भाजपा कार्यकर्ता सतीश सिंह ने ठेका व्यवस्था में पारदर्शिता पर सवाल उठाते हुए उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि ठेका मजदूरों की आठ सूत्री मांगों को लेकर हाल में हुए आंदोलन के बाद भी कई मुद्दों पर असंतोष बना हुआ है।
सतीश सिंह के अनुसार, ठेका कंपनी मेसर्स अजय कुमार गुप्ता की ओर से 54 मजदूरों की सूची सौंपे जाने के मामले में कृष्णा हेब्रम नामक बाहरी मजदूर को कथित रूप से फर्जी हस्ताक्षर के माध्यम से सूची में शामिल किए जाने की शिकायत सामने आई है। उन्होंने मामले की जांच कर दोषी पाए जाने वालों पर कार्रवाई की मांग की। उनके मुताबिक, प्रबंधन ने मामले की जानकारी लेकर जांच कराने का आश्वासन दिया है।
ठेकों के आवंटन और मजदूर चयन में पारदर्शिता की मांग
सतीश सिंह ने आरोप लगाया कि यूसीआईएल की ठेका व्यवस्था को लेकर स्थानीय एवं विस्थापित परिवारों में लंबे समय से शिकायतें हैं। उन्होंने विस्थापित और जनजातीय समुदाय के लोगों के साथ कथित दुर्व्यवहार, पसंदीदा ठेकेदारों को लाभ पहुंचाने तथा मजदूरों के चयन में पारदर्शिता की कमी जैसे आरोपों की स्वतंत्र जांच की मांग की।
उन्होंने कुछ कर्मचारियों को कथित रूप से आसान ड्यूटी दिए जाने और उनके माध्यम से अंदरूनी जानकारी जुटाए जाने के आरोपों की भी जांच की मांग की।
विवाह समारोह में कथित उपहार की चर्चा की भी जांच की मांग
सतीश सिंह ने स्थानीय स्तर पर चल रही उस चर्चा की भी जांच की मांग की, जिसमें एक बड़ी माइनिंग कंपनी के मुखिया के मिश्रा परिवार के बेटे के विवाह समारोह में शामिल होने और कथित रूप से बड़ा उपहार दिए जाने की बात कही जा रही है। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि इस दावे के समर्थन में फिलहाल कोई आधिकारिक दस्तावेज या स्वतंत्र पुष्टि सामने नहीं आई है। इसलिए इसकी सत्यता जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
उन्होंने यूसीआईएल प्रबंधन से पिछले वर्षों के ठेकों, मजदूरों की नियुक्ति एवं सूची, फर्जी हस्ताक्षर के आरोप, स्थानीय व विस्थापित लोगों को मिले रोजगार तथा ठेका कार्यों की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र के प्रतिष्ठान में ठेका व्यवस्था पूरी तरह पारदर्शी होनी चाहिए और स्थानीय युवाओं तथा मजदूरों के हितों की रक्षा प्राथमिकता होनी चाहिए। अधिक जानकारी के लिए यूसीआईएल आधिकारिक वेबसाइट देखें।
अजय गुप्ता–मिश्रा परिवार कनेक्शन?
- कौन हैं अजय गुप्ता? यूसीआईएल जादूगोड़ा में ठेका कार्य से जुड़ी कंपनी के नाम पर सक्रिय।
- 54 मजदूरों की सूची: कृष्णा हेब्रम को कथित फर्जी हस्ताक्षर से शामिल करने की शिकायत।
- मिश्रा परिवार से कनेक्शन? विवाह समारोह में मौजूदगी और कथित बड़े उपहार की चर्चा।
- असल सवाल: क्या यह महज व्यक्तिगत संबंध है या ठेका कारोबार से भी कोई कड़ी जुड़ी है?
- जांच जरूरी: ठेकों, मजदूर सूची और आपसी संपर्कों की पड़ताल से खुलेगा राज।
कहानी अभी जारी है…

