Close Menu
Rashtra SamvadRashtra Samvad
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • होम
    • राष्ट्रीय
    • अन्तर्राष्ट्रीय
    • राज्यों से
      • झारखंड
      • बिहार
      • उत्तर प्रदेश
      • ओड़िशा
    • संपादकीय
      • मेहमान का पन्ना
      • साहित्य
      • खबरीलाल
    • खेल
    • वीडियो
    • ईपेपर
    Topics:
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Home » खबर छापना अपराध नहीं, पत्रकार की कलम पर नहीं लगेगी रोक
    झारखंड

    खबर छापना अपराध नहीं, पत्रकार की कलम पर नहीं लगेगी रोक

    nizamBy nizamSeptember 10, 2026No Comments2 Mins Read
    Share Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Share
    Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link

    खबर छापना अपराध नहीं, पत्रकार की कलम पर नहीं लगेगी रोक

     

    झारखंड हाईकोर्ट की अहम टिप्पणी अधिकारी के बयान के आधार पर खबर प्रकाशित करना पत्रकार का कर्तव्य

     

    राष्ट्र संवाद संवाददाता

    रांची। पत्रकारिता की स्वतंत्रता और निष्पक्ष रिपोर्टिंग से जुड़े एक महत्वपूर्ण मामले में झारखंड हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि किसी अधिकारी या सार्वजनिक पद पर बैठे व्यक्ति के बयान के आधार पर खबर प्रकाशित करने मात्र से पत्रकार के खिलाफ आपराधिक मुकदमा नहीं चलाया जा सकता।

    अदालत ने कहा कि महज खबर प्रकाशित करने के आधार पर पत्रकार के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज करना उचित नहीं है। पत्रकार का दायित्व है कि सार्वजनिक जीवन से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्यों और बयानों को रिपोर्ट के रूप में जनता तक पहुंचाए। हालांकि, रिपोर्टिंग में पत्रकार और मूल बयान देने वाले व्यक्ति की जिम्मेदारियों को अलग-अलग समझना होगा।

    हाईकोर्ट ने कहा कि किसी अधिकारी के बयान को उसी रूप में प्रकाशित करना पत्रकार की रिपोर्टिंग का हिस्सा हो सकता है। साथ ही पत्रकारिता में स्वतंत्र और निष्पक्ष रिपोर्टिंग लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए आवश्यक है।

    फैसले में यह भी रेखांकित किया गया कि मीडिया जनता और सरकार के बीच संवाद का महत्वपूर्ण माध्यम है। अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों के बयानों की निष्पक्ष रिपोर्टिंग से पारदर्शिता बढ़ती है। हालांकि पत्रकारों को तथ्यों की जांच और संबंधित पक्षों का पक्ष सामने रखने की जिम्मेदारी का भी निर्वहन करना चाहिए।

    अदालत की टिप्पणी को पत्रकारिता की स्वतंत्रता और लोकतांत्रिक मूल्यों की मजबूती की दिशा में महत्वपूर्ण संदेश माना जा रहा है।

    Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Previous Articleडॉ. यूएस वर्मा को लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड

    Related Posts

    डॉ. यूएस वर्मा को लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड

    September 10, 2026

    मानगो पुल पर महिला ने नदी में छलांग लगाने का किया प्रयास, लोगों ने बचाया

    September 10, 2026

    सिदपा गांव में हंगामे को लेकर दो केस दर्ज, 42 नामजद समेत सैकड़ों अज्ञात आरोपी

    September 10, 2026

    Comments are closed.

    अभी-अभी

    खबर छापना अपराध नहीं, पत्रकार की कलम पर नहीं लगेगी रोक

    डॉ. यूएस वर्मा को लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड

    मानगो पुल पर महिला ने नदी में छलांग लगाने का किया प्रयास, लोगों ने बचाया

    सिदपा गांव में हंगामे को लेकर दो केस दर्ज, 42 नामजद समेत सैकड़ों अज्ञात आरोपी

    कम फॉर्म-6 प्रविष्टि वाले मतदान केंद्रों की डीसी ने की समीक्षा

    कम फॉर्म-6 प्रविष्टि वाले मतदान केंद्रों की डीसी ने की समीक्षा

    मेयर सुधा गुप्ता का प्रयास रंग लाया, मानगो की दो प्रमुख सड़कों की मरम्मत को निविदा

    दुर्गा पूजा केंद्रीय समिति की बैठक, 12 सितंबर की आमसभा की तैयारियों पर बनी रूपरेखा

    युवा नेतृत्व कार्यक्रम के तहत युवाओं की प्रतिभा को सम्मान, खेल सामग्री वितरित

    साईं की रसोई ने बलिया प्रखंड के शिवनगर में चलाया बाढ़ राहत वितरण अभियान

    Facebook X (Twitter) Telegram WhatsApp
    © 2026 News Samvad. Designed by Cryptonix Labs .

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.