बाल विवाह रोकथाम में पंचायत, समुदाय व प्रशासन मिलकर निभाएं जिम्मेदारी
युवा संस्था की जिला स्तरीय कार्यशाला में समन्वय, जागरूकता और सामुदायिक भागीदारी पर जोर
राष्ट्र संवाद संवाददाता
जमशेदपुर। सामाजिक संस्था युवा (यूथ फॉर यूनिटी एंड वॉलंटरी एक्शन) की ओर से होटल बुलेवार्ड, बिष्टुपुर में “बाल विवाह रोकथाम में पंचायत, समुदाय एवं जिला हितधारकों की भूमिका, समन्वय एवं जवाबदेही” विषय पर जिला स्तरीय कार्यशाला आयोजित हुई। इसमें बाल विवाह रोकथाम के लिए पंचायत, प्रशासन, पुलिस, विद्यालय, मीडिया और सामाजिक संगठनों के बीच बेहतर समन्वय पर जोर दिया गया।
कार्यशाला में साइबर थाना के अमित अभिषेक, वन स्टॉप सेंटर की नीतू कुमारी, वरिष्ठ पत्रकार अन्नी अमृता, विकास श्रीवास्तव, डालसा से प्रीति मुर्मू, विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि, युवा संस्था के बोर्ड सदस्य और किशोरी लीडर शामिल हुए। संचालन अंजना देवगम ने किया।
युवा की सचिव वर्णाली चक्रवर्ती ने कहा कि बाल विवाह केवल कानूनी नहीं, बल्कि बच्चों के स्वास्थ्य, शिक्षा, सुरक्षा और भविष्य से जुड़ा गंभीर सामाजिक मुद्दा है। उन्होंने पंचायत, ग्राम सभा, परिवार, प्रशासन, पुलिस, विद्यालय और मीडिया की सामूहिक भूमिका पर जोर दिया।
साइबर थाना के अमित अभिषेक ने बाल विवाह से जुड़े कानूनी प्रावधानों की जानकारी देते हुए समय रहते पुलिस व संबंधित विभागों को सूचना देने की अपील की। उन्होंने साइबर अपराध की शिकायत के लिए 1930 पर संपर्क करने की जानकारी भी दी।
वन स्टॉप सेंटर की नीतू कुमारी ने कहा कि बाल विवाह गांवों के साथ-साथ शहरों में भी हो रहे हैं और लोगों को कानून व सहायता सेवाओं की जानकारी देने के लिए लगातार जागरूकता जरूरी है। वरिष्ठ पत्रकार अन्नी अमृता ने मीडिया की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए सामाजिक सोच में बदलाव के लिए सकारात्मक पत्रकारिता और डिजिटल माध्यमों के उपयोग पर जोर दिया।
विकास श्रीवास्तव ने कहा कि बाल विवाह के मामलों में केवल बच्चों को संस्थागत व्यवस्था तक पहुंचाना पर्याप्त नहीं, बल्कि परिवार की काउंसलिंग और निरंतर सहयोग भी जरूरी है। महिला कल्याण समिति की सचिव अंजली बोस ने महिलाओं और लड़कियों को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होकर अन्याय के खिलाफ आवाज उठाने का संदेश दिया।
युवा की अध्यक्ष ऊषा सबीना देवगम ने बच्चों की इच्छा, सुरक्षा और शिक्षा को प्राथमिकता देने की बात कही। खुले सत्र में ग्राम सभा, बाल सभा और महिला सभा में बाल विवाह रोकथाम को नियमित एजेंडा बनाने तथा आंगनबाड़ी सेविका, सहिया, शिक्षक, पंचायत प्रतिनिधि और किशोरी समूहों को सक्रिय करने के सुझाव दिए गए।
कार्यशाला को सफल बनाने में चन्द्रकला, रीला, आबंती, चाँदमनी, किरण, कापरा, हेमंती एवं सिकन्दर की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

