मृत्युंजय बर्मन
राष्ट्र संवाद संवाददाता
झारखंड में लगातार हो रही बारिश के बीच कोल्हान में बाढ़ का खतरा लगातार गहराता जा रहा है। खरकई और स्वर्णरेखा नदियों के जलस्तर में वृद्धि के बीच भारत मौसम विज्ञान विभाग की फ्लैश फ्लड गाइडेंस ने भी पूर्वी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां समेत राज्य के कई जिलों के जलग्रहण क्षेत्रों में अचानक बाढ़ की आशंका जताई है। मौसम विभाग की गाइडेंस 2 सितंबर की सुबह 11:30 बजे तक प्रभावी है।
चांडिल कॉम्प्लेक्स स्थित मुख्य अभियंता कार्यालय के फ्लड सेल की 1 सितंबर शाम छह बजे की नवीनतम रिपोर्ट ने स्थिति को और गंभीर कर दिया है। आदित्यपुर ब्रिज साइट पर खड़कई नदी का जलस्तर 133.35 मीटर पहुंच गया है, जबकि यहां खतरे का निशान 129 मीटर है। इस तरह खड़कई खतरे के निशान से 4.35 मीटर ऊपर बह रही है। सबसे चिंताजनक बात यह है कि नदी का ट्रेंड लगातार ‘आर’ (बढ़ता हुआ) दर्ज किया गया है।
दोपहर दो बजे की रिपोर्ट में आदित्यपुर ब्रिज पर खड़कई का जलस्तर 133.10 मीटर था। महज चार घंटे में जलस्तर में 25 सेंटीमीटर की वृद्धि दर्ज हुई है। इससे नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है।
*गंजिया बराज पर भी पानी का दबाव*
फ्लड सेल की शाम छह बजे की रिपोर्ट के अनुसार गंजिया बराज का जलस्तर 138.30 मीटर दर्ज किया गया है। यहां हाई फ्लड लेवल 143.70 मीटर है। हालांकि बराज का ट्रेंड ‘एफ’ दर्ज किया गया है, लेकिन डिस्चार्ज काफी अधिक है। रिपोर्ट के अनुसार बराज से करीब 4758.36 क्यूमेक्स पानी छोड़ा जा रहा है और बराज के गेट पूरी तरह खुले होने की स्थिति दर्ज की गई है।
लगातार बारिश के कारण मिट्टी में नमी और जलसंतृप्ति बढ़ने से आने वाले घंटों में निचले इलाकों में पानी तेजी से जमा होने तथा छोटे नदी-नालों में अचानक उफान आने की आशंका बनी हुई है। ऐसे में सामान्य जलजमाव के साथ फ्लैश फ्लड की स्थिति भी उत्पन्न हो सकती है।
*कई जिलों के लिए फ्लैश फ्लड अलर्ट*
आइएमडी की फ्लैश फ्लड गाइडेंस में गढ़वा, पलामू, लातेहार, लोहरदगा, गुमला, खूंटी, सरायकेला-खरसावां, पूर्वी सिंहभूम, सिमडेगा और पश्चिमी सिंहभूम के जलग्रहण क्षेत्रों को संभावित फ्लैश फ्लड रिस्क वाले क्षेत्रों में शामिल किया गया है।
जमशेदपुर में मानगो, बागबेड़ा, जुगसलाई, भुइयांडीह, कदमा और सोनारी सहित नदी किनारे एवं निचले इलाकों पर विशेष नजर रखने की जरूरत है। वहीं आदित्यपुर, गम्हरिया और सरायकेला-खरसावां के नदी तटीय क्षेत्रों में भी खड़कई के लगातार बढ़ते जलस्तर को देखते हुए सतर्कता बढ़ाना जरूरी हो गया है।
प्रशासन के लिए अगले कुछ घंटे इसलिए भी महत्वपूर्ण हैं क्योंकि ऊपरी जलाशयों और बराजों से पानी छोड़े जाने की स्थिति में नदियों का जलस्तर और तेजी से बढ़ सकता है। नदी किनारे रहने वाले लोगों को किसी भी स्थिति में तेज बहाव वाले पानी को पैदल या वाहन से पार करने का प्रयास नहीं करना चाहिए। जलस्तर अचानक बढ़ने पर तत्काल सुरक्षित एवं ऊंचे स्थान की ओर जाने और प्रशासन तथा आपदा प्रबंधन विभाग के निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है।

