सारंडा की कुइली नदी में दर्दनाक हादसा, तेज धार में बहे तीन ग्रामीण
राष्ट्र संवाद संवाददाता
चाईबासा। पश्चिमी सिंहभूम जिले के छोटानागरा थाना क्षेत्र अंतर्गत बहदा गांव में रविवार देर शाम कुइली पहाड़ी नदी में हुए हादसे से पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है। नदी की तेज धार में बहने वाले तीन ग्रामीणों में से एक महिला का शव रविवार को घटनास्थल से करीब 500 मीटर दूर झाड़ियों में फंसा हुआ बरामद किया गया। मृतका की पहचान बहदा गांव के मुंडा रोया सिद्धू की मां के रूप में की गई है।
ग्रामीणों के अनुसार, हादसे के बाद से ही स्थानीय लोग नदी के आसपास लगातार खोज अभियान चला रहे थे। इसी दौरान झाड़ियों में महिला का शव दिखाई दिया। ग्रामीणों ने नदी में उतरकर शव को बाहर निकाला। शव बरामद होने की खबर मिलते ही गांव में शोक की लहर दौड़ गई।

हादसे के बाद से मुंडा रोया सिद्धू के पिता बोसेन सिद्धू और बहदा गांव निवासी बामिया सिद्धू की पत्नी सुनीता सिद्धू अब भी लापता हैं। दोनों की तलाश में ग्रामीण लगातार नदी के आसपास खोजबीन कर रहे हैं।
बताया जा रहा है कि तीनों ग्रामीण रविवार को एक ग्रामीण के अंतिम संस्कार में शामिल होने के बाद नदी पार कर अपने घर लौट रहे थे। इसी दौरान पहाड़ी इलाके में हुई तेज बारिश के कारण कुइली नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया और देखते ही देखते पानी का बहाव बेहद तेज हो गया। संभलने का मौका मिलने से पहले ही तीनों ग्रामीण पानी की तेज धार में बह गए।
अंधेरा, लगातार हो रही बारिश और नदी का तेज बहाव लापता ग्रामीणों की तलाश में सबसे बड़ी बाधा बना हुआ है। इसके बावजूद ग्रामीण हिम्मत नहीं हार रहे हैं और नदी के किनारे लगातार दोनों लापता लोगों की तलाश कर रहे हैं।
एक महिला का शव बरामद होने के बाद अब ग्रामीणों की निगाहें कुइली नदी पर टिकी हुई हैं। पूरा गांव बोसेन सिद्धू और सुनीता सिद्धू के सकुशल मिलने की उम्मीद लगाए हुए है।

