लगातार सवालों के घेरे में यूसील अस्पताल, अब 22 दिन में 22 लाख के बिल पर हंगामा!
सीएमओ डॉक्टर देवाशीष भट्टाचार्य सितंबर में हो रहे हैं रिटायर इससे पहले संपत्ति की जांच की मांग
राष्ट्र संवाद संवाददाता
जादूगोड़ा :यूसील अस्पताल एक बार फिर सुर्खियों में है और इस बार आरोप बेहद गंभीर हैं। लगातार दूसरे दिन अस्पताल की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
ताजा मामला अस्पताल से रेफर एक मरीज के बिल से जुड़ा है। जानकारी के अनुसार यूसील के एक कर्मी के परिजन *सुकांती मुखी* को इलाज के लिए बाहर के एक निजी अस्पताल *दिशान हॉस्पिटल* में रेफर किया गया था। आरोप है कि वहां 22 दिनों के इलाज में ही लगभग *₹21,96,432/- (लगभग 22 लाख रुपये)* का बिल बना दिया गया।
इस बिल की कॉपी सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पूरे जादूगोड़ा में चर्चाओं का बाजार गर्म है।
*स्थानीय लोगों का आरोप – मरीज के नाम पर लूट!*
स्थानीय लोगों और कर्मचारियों का आरोप है कि मरीज के नाम पर लूट का खेल चल रहा है और जनता का पैसा बर्बाद हो रहा है। लोगों में यह चर्चा है कि क्या यूसील अस्पताल और निजी अस्पताल के बीच मिलीभगत से यह हो रहा है? हालांकि यह जांच का विषय है।
*यूनियन नेताओं में भारी नाराजगी, निष्पक्ष जांच की मांग*
इस मामले को लेकर यूनियन नेताओं में भारी नाराजगी है। उनका कहना है – _”आखिर यूसील को किस प्रकार लूटा जा रहा है? जिम्मेदारों द्वारा जनता का ही पैसा यूसील में है! इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।”_
*लोगों की 3 बड़ी मांगें :-*
1. यूसील अस्पताल और दिशान हॉस्पिटल के बीच रेफरल सिस्टम की उच्चस्तरीय जांच हो।
2. फर्जी बिलिंग और अनावश्यक इलाज के आरोपों पर रोक लगाई जाए।
3. जनता के पैसों की लूट करने वालों पर सख्त कार्रवाई हो।
फिलहाल इस पूरे मामले पर यूसील प्रबंधन की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा के नेता राजा कालंदी के द्वारा सितंबर माह में रिटायर हो रहे हैं यूसिल अस्पताल के सीएमओ डॉक्टर देवाशीष भट्टाचार्य की पूरे कार्यकाल की जांच करने और संपत्ति की जांच की इन्हें इनका रिटायर के रकम की भुगतान किया जाए।उन्होंने बताया कि उन्हें कर्मियों के द्वारा जानकारी दी गई कि बड़े-बड़े शहरों में उन्होंने कई फ्लैट खरीद रखे हैं और काफी पैसा भी अर्जित किया है पूरे जांच किया जाना चाहिए जांच होने के बाद ही इन्हें पूरा पैसा यूसिल के द्वारा दिया जाना चाहिए। राजा कालिंदी का यह भी गंभीर आरोप है कि उनके कमान संभालने के बाद से यूसिल अस्पताल की स्थिति दयनीय होती गई है।

