झारखंड में ‘अंधेर नगरी, चौपट राजा’ की स्थिति : प्रतुल शाहदेव
राष्ट्र संवाद संवाददाता
रांची। झारखंड भाजपा के प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की सीजीएल परीक्षा को लेकर राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि झारखंड में इस समय ‘अंधेर नगरी, चौपट राजा’ वाली स्थिति बनी हुई है।
प्रतुल शाहदेव ने कहा कि सीआईडी ने सीजीएल की दोनों परीक्षाओं में पेपर लीक अथवा किसी बड़ी गड़बड़ी से इनकार किया था। इसी जांच रिपोर्ट के आधार पर सीजीएल परीक्षा में सफल अभ्यर्थियों को नियुक्ति दी गई। लेकिन बाद में सीआईडी का दावा गलत साबित हुआ और सरकार ने सीजीएल के सफल अभ्यर्थियों के सचिवालय में प्रवेश पर रोक लगा दी।
भाजपा प्रवक्ता ने सवाल उठाया कि अगर नियुक्ति प्रक्रिया में अब गड़बड़ी सामने आई है, तो इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर भी कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जिन अभ्यर्थियों ने परीक्षा पास की और सरकारी प्रक्रिया के आधार पर नियुक्ति प्राप्त की, उन्हें सजा देने के बजाय उन अधिकारियों की जवाबदेही तय की जानी चाहिए, जिनकी जांच और निर्णयों के कारण यह स्थिति पैदा हुई।
प्रतुल शाहदेव ने कहा कि सरकार को सीआईडी और कार्मिक विभाग के उन अधिकारियों की भूमिका की भी जांच करनी चाहिए, जिनकी कथित लापरवाही या घटिया जांच के कारण हजारों अभ्यर्थियों का भविष्य प्रभावित हुआ है।
उन्होंने नियुक्ति पत्र वितरण समारोह में हुए सरकारी खर्च का मुद्दा भी उठाया। प्रतुल शाहदेव ने सवाल किया कि नियुक्ति पत्र वितरण समारोह में करोड़ों रुपये खर्च किए गए थे, अब यदि नियुक्तियां विवादित हो गई हैं तो क्या सरकार के मंत्री इन खर्चों की राशि अपने निजी खाते से भुगतान करेंगे?
उन्होंने सरकार से पूरे मामले में पारदर्शिता बरतने, जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करने और प्रभावित अभ्यर्थियों के भविष्य को लेकर स्पष्ट नीति बनाने की मांग की।

