लेखक: राष्ट्र संवाद संवाददाता
नशामुक्त भारत बस यात्रा ने जमशेदपुर में नशामुक्ति का संदेश जन-जन तक पहुंचाने का बीड़ा उठाया है। इस अभियान के तहत विशेष बस शहर के कोने-कोने में जाकर लोगों को जागरूक कर रही है।
नशामुक्त भारत बस यात्रा का शुभारंभ और उद्देश्य
जमशेदपुर। दस करोड़ लोगों को नशामुक्ति की प्रतिज्ञा दिलाने के लक्ष्य के साथ चल रहे नशामुक्त भारत अभियान के तहत जमशेदपुर में नशामुक्त भारत बस यात्रा के माध्यम से व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। जमशेदपुर से शुरू हुई यह विशेष बस यात्रा स्कूल, कॉलेज, बस स्टैंड, ऑटो स्टैंड, पार्क, होटल, मॉल समेत विभिन्न सार्वजनिक स्थानों तक पहुंचकर लोगों को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक कर रही है।
राज्यपाल ने किया था उद्घाटन
बस यात्रा का शुभारंभ 7 अगस्त 2026 को झारखंड के राज्यपाल श्री संतोष कुमार गंगवार ने ब्रह्माकुमारीज के यूनिवर्सल पीस पैलेस, मरीन ड्राइव, जमशेदपुर स्थित सेवा केंद्र से किया था। इसके बाद से बस प्रतिदिन शहर के अलग-अलग क्षेत्रों में पहुंच रही है।
कदमा क्षेत्र में 31 कार्यक्रम आयोजित
12 अगस्त को बस यात्रा कदमा के शास्त्री नगर, उलियान एवं आसपास के क्षेत्रों में पहुंची। इस दौरान करीब 31 जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। बस के अंदर कुंभकरण की मूवमेंट वाली प्रस्तुति के माध्यम से नशे के दुष्परिणामों को रोचक तरीके से समझाया जा रहा है। वहीं बस के ऊपर लगाई गई नशामुक्ति विषयक चित्र प्रदर्शनी के जरिए नशे से होने वाले शारीरिक, मानसिक, पारिवारिक एवं सामाजिक नुकसान की जानकारी दी जा रही है।
प्रतिज्ञा और जनभागीदारी
कार्यक्रमों के अंत में लोगों को नशामुक्त जीवन जीने की प्रतिज्ञा दिलाई जा रही है। अभियान की विशेषता यह है कि प्रशिक्षित वक्ता और कार्यकर्ता एक साथ विभिन्न स्थानों पर पहुंचकर स्कूलों, कॉलेजों एवं अन्य संस्थानों में जागरूकता कार्यक्रम कर रहे हैं।
आगे का कार्यक्रम
लोगों की बढ़ती सहभागिता और उत्साह से अभियान को व्यापक समर्थन मिल रहा है। 13 अगस्त को नशामुक्त भारत बस यात्रा जुगसलाई क्षेत्र में पहुंचेगी, जहां विभिन्न स्थानों पर जागरूकता कार्यक्रम और नशामुक्ति की प्रतिज्ञा दिलाई जाएगी।
अभियान का व्यापक प्रभाव और सरकारी समर्थन
यह बस यात्रा नशामुक्त भारत अभियान का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है जिसे सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय द्वारा प्रायोजित किया गया है। अभियान का लक्ष्य वर्ष 2026 के अंत तक दस करोड़ नागरिकों को नशामुक्ति की शपथ दिलाना है। जमशेदपुर में अब तक 50 हजार से अधिक लोग प्रत्यक्ष रूप से इस यात्रा से जुड़ चुके हैं। स्थानीय प्रशासन, पुलिस विभाग और गैर-सरकारी संगठन मिलकर इस मुहिम को सफल बना रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की मोबाइल जागरूकता इकाइयां ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में गहरी पैठ बनाने में कारगर साबित होती हैं। बस के माध्यम से ऑडियो-विजुअल प्रस्तुति, नुक्कड़ नाटक और व्यक्तिगत परामर्श सत्र आयोजित किए जा रहे हैं।
अधिक जानकारी के लिए सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं।

