जमशेदपुर के सांसद विद्युत वरण महतो ने केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी. किशन रेड्डी से मुलाकात कर क्षेत्र के औद्योगिक विकास को गति देने के लिए महत्वपूर्ण मांगें रखीं। इस मुलाकात का केंद्रीय बिंदु हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड की इकाइयों को उनकी पूरी क्षमता के साथ संचालित कराना रहा। सांसद ने जोर देकर कहा कि तांबा उत्पादन में आत्मनिर्भरता के लिए इन खदानों और संयंत्रों का सुचारू संचालन अनिवार्य है।
हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड की वर्तमान चुनौतियां और मांगें
घाटशिला स्थित हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड (एचसीएल) की तांबा खदानों एवं मौभंडार स्थित स्मेल्टर-रिफाइनरी संयंत्र को पूर्ण क्षमता से संचालित कराने की मांग की है। सांसद ने कहा कि जमशेदपुर संसदीय क्षेत्र अंतर्गत स्थित एचसीएल का इंडियन कॉपर कॉम्प्लेक्स देश के प्रमुख सार्वजनिक क्षेत्र के तांबा उत्पादक उपक्रमों में शामिल है। उनके प्रयासों से सुरदा, केंदाडीह एवं राखा तांबा खदानों का संचालन दोबारा शुरू हुआ, लेकिन वर्तमान में भी इन खदानों में पूर्ण क्षमता से उत्पादन नहीं हो पा रहा है। वहीं मौभंडार स्थित स्मेल्टर एवं रिफाइनरी संयंत्र का संचालन भी अभी तक शुरू नहीं हुआ है।
सांसद ने बताया कि पिछले दस वर्षों में राखा माइंस के यूसीआईएल के साथ लीज ओवरलैपिंग, भूमि उपलब्धता, माइनिंग लीज, पर्यावरण एवं वन स्वीकृति जैसी कई महत्वपूर्ण समस्याओं के समाधान के लिए लगातार प्रयास किए गए हैं। इसके बावजूद मुसाबनी क्षेत्र की धौबनी, किसनगढ़िया एवं पाथरगोड़ा तांबा खदानें अब तक शुरू नहीं हो सकी हैं। उन्होंने केंद्रीय मंत्री से मांग की है कि सुरदा, केंडाडीह एवं राखा खदानों में पूर्ण उत्पादन सुनिश्चित कराया जाए, सिद्धेश्वर खान ब्लॉक में लंबित खनन कार्य शुरू कराया जाए तथा मौभंडार स्मेल्टर-रिफाइनरी संयंत्र को शीघ्र पुनः चालू कराया जाए।
नए तांबा ब्लॉकों के विकास पर जोर
इसके अलावा सांसद ने धातकीडीह, तिरिलडीह, रामचंद्र पहाड़ एवं नंदूप तांबा ब्लॉकों का शीघ्र सर्वेक्षण, विकास एवं खनन कार्य प्रारंभ कराने की भी मांग की है। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं के शुरू होने से क्षेत्र में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और तांबा उत्पादन को भी नई गति मिलेगी। यह पहल आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत खनिज क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।
केंद्रीय मंत्री का सकारात्मक रुख और आश्वासन
केंद्रीय मंत्री जी. किशन रेड्डी ने सांसद की मांगों को गंभीरता से सुनते हुए अपने पीएस कार्तिकेन को निर्देश दिया कि एचसीएल के सीएमडी के साथ सितंबर के प्रथम सप्ताह में रिव्यू बैठक आयोजित की जाए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की ओर से यदि कोई अड़चन आती है तो जरूरत पड़ने पर वे स्वयं राज्य सरकार से बातचीत करेंगे। केंद्रीय मंत्री ने आश्वासन दिया बहुत जल्द तांबा खदानों व स्मेल्टर-रिफाइनरी को पूर्ण क्षमता से संचालित होगा। मौके पर मुख्य रूप से दिनेश साब उपस्थित थे।
इस उच्चस्तरीय बैठक के परिणामस्वरूप घाटशिला और आसपास के क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों के तेज होने की उम्मीद जगी है। स्थानीय निवासियों और श्रमिक संगठनों ने सांसद के इस प्रयास की सराहना की है। खान मंत्रालय की आधिकारिक वेबसाइट पर भी इस संबंध में जल्द ही विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए जा सकते हैं। आने वाले दिनों में हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड की प्रगति की समीक्षा के लिए बुलाई गई बैठक पर सभी की निगाहें टिकी रहेंगी।

