लेखक: मनीषा शर्मा
लवलीना बोरगोहेन का गुवाहाटी में भव्य स्वागत
गुवाहाटी: कॉमनवेल्थ गेम्स में पदक जीतकर राज्य का नाम एक बार फिर रोशन करने के बाद, असम की बेटी और स्टार मुक्केबाज लवलीना बोरगोहेन अपने गृह राज्य लौट आई हैं। गुवाहाटी के बोरझार स्थित लोकप्रिय गोपीनाथ बोरदोलोई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पहुंचते ही उनका अत्यंत गर्मजोशी और भावुक माहौल में स्वागत किया गया।
हवाई अड्डे पर उत्सव जैसा माहौल
असम की इस होनहार बेटी के स्वागत के लिए सुबह से ही हवाई अड्डे पर गहमागहमी का माहौल था। CISF जवानों के साथ-साथ राज्य के विभिन्न सामाजिक-सांस्कृतिक संगठनों और अनगिनत प्रशंसकों की भीड़ उन्हें बधाई देने के लिए उमड़ पड़ी। सभी ने असमिया संस्कृति और स्वाभिमान के प्रतीक ‘जापी’ और ‘गमोछा’ पहनाकर लवलीना को भव्य नागरिक संवर्धन (सम्मान) प्रदान किया।
“खेल के मैदान में ऐतिहासिक सफलता हासिल करने के बाद, अपने राज्य के संकटग्रस्त लोगों के प्रति लवलीना की इस जवाबदेही और संवेदना ने सभी का दिल जीत लिया है।”
ऊपरी असम के बाढ़ पीड़ितों के साथ खड़े होने का वादा
रिंग में अपना पराक्रम दिखाने के साथ-साथ लवलीना ने अपनी सहृदयता का भी परिचय दिया है। गुवाहाटी पहुंचते ही मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने ऊपरी असम (Upper Assam) की गंभीर बाढ़ स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त की।
मानवीय पहल: बाढ़ पीड़ितों की मदद का संकल्प
बाढ़ से प्रभावित लोगों की मदद करने का दृढ़ संकल्प लेते हुए लवलीना ने बताया कि वे जल्द ही बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करने और पीड़ितों का हाल-चाल लेने के लिए ऊपरी असम रवाना होंगी।
सामाजिक जिम्मेदारी: एथलीट का कर्तव्य
उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि एक एथलीट के रूप में केवल पदक जीतना ही उनका एकमात्र उद्देश्य नहीं है, बल्कि संकट के समय अपने राज्य के लोगों के साथ खड़े होना भी उनका सामाजिक कर्तव्य है।
लवलीना के इस सराहनीय कदम और घोषणा ने पूरे राज्यवासियों का दिल जीत लिया है। सोशल मीडिया से लेकर हर तरफ उनके इस मानवीय व्यवहार की जमकर प्रशंसा हो रही है। अधिक जानकारी के लिए कॉमनवेल्थ गेम्स फेडरेशन की आधिकारिक वेबसाइट देखें।

