लेखक: राष्ट्र संवाद संवाददाता
भारतीय क्रांतिकारी मजदूर संघ (बीकेएमएस) के राष्ट्रीय नेतृत्व ने शनिवार को एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए सरायकेला-खरसावां जिला कमेटी का गठन कर इसकी विधिवत घोषणा कर दी है। इस नवगठित कमेटी में संजय गोराई को जिला अध्यक्ष की अहम जिम्मेदारी सौंपी गई है, जिससे जिले के औद्योगिक क्षेत्रों में कार्यरत मजदूरों में नई उम्मीद का संचार हुआ है।
सरायकेला-खरसावां जिला कमेटी का विस्तृत गठन एवं पदाधिकारी
भारतीय क्रांतिकारी मजदूर संघ के राष्ट्रीय नेतृत्व की ओर से शनिवार को सरायकेला-खरसावां जिला कमेटी का गठन करते हुए इसकी घोषणा की गई।
नवगठित जिला कमेटी में संजय गोराई को जिला अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई है। साथ ही, उमेश महतो, कुंती महतो, मनीष सिंह व नरेश कुमार को उपाध्यक्ष, रोहित प्रधान, रेणुका महतो व रूपेश गोराई को सचिव, राहुल कुमार, धीरेन महतो, बिट्टू महतो व नरेश सिंह को सह सचिव, लक्ष्मण महतो, धनंजय महतो व बृज जामूदा को संगठन सचिव तथा राज महतो को कोषाध्यक्ष मनोनीत किया गया है।
इसके अलावा अन्य 16 सदस्यों को कार्यसमिति में रखा गया है।
नवनियुक्त अध्यक्ष संजय गोराई का संबोधन और संकल्प
अपने मनोनयन के बाद नवनियुक्त जिला अध्यक्ष संजय गोराई ने संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष अजय कुमार महतो, महासचिव सह डुमरी विधायक जयराम कुमार महतो एवं केंद्रीय कमेटी के सभी पदाधिकारियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह पद उनके लिए सम्मान से अधिक मजदूर हितों की रक्षा, शोषण के विरुद्ध संघर्ष तथा संगठन को जमीनी स्तर पर और अधिक मजबूत बनाने की जिम्मेदारी है।
उन्होंने कहा कि सरायकेला-खरसावां जिले के औद्योगिक क्षेत्रों में कार्यरत मजदूरों के अधिकार, सम्मान, सुरक्षा, उचित वेतन, ईएसआई, पीएफ एवं नई श्रम कानूनों के पालन को लेकर बीकेएमएस निरंतर संघर्ष करता रहेगा और संगठन मजदूरों की हर जायज लड़ाई में उनके साथ मजबूती से खड़ा रहेगा। इस संदर्भ में भारत सरकार के श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के दिशानिर्देशों का पालन सुनिश्चित कराने पर जोर दिया जाएगा।
बीकेएमएस का परिचय और मजदूर हित में भूमिका
भारतीय क्रांतिकारी मजदूर संघ (बीकेएमएस) झारखंड प्रदेश में मजदूरों के अधिकारों के लिए एक मुखर आवाज के रूप में उभरा है। संगठन के राष्ट्रीय महासचिव सह डुमरी विधायक जयराम कुमार महतो के नेतृत्व में बीकेएमएस ने असंगठित क्षेत्र के मजदूरों से लेकर औद्योगिक श्रमिकों तक की लड़ाई लड़ी है। नई सरायकेला-खरसावां जिला कमेटी का गठन संगठन के जमीनी विस्तार की दिशा में एक रणनीतिक कदम माना जा रहा है। इस कमेटी में अनुभवी चेहरों के साथ युवा ऊर्जा का समावेश किया गया है, जो आगामी दिनों में श्रमिक बस्तियों और कारखाना गेटों पर संगठन की पकड़ को मजबूत करेगा।
औद्योगिक नगरी में मजदूरों की चुनौतियां और संगठन का एजेंडा
सरायकेला-खरसावां जिला झारखंड का एक प्रमुख औद्योगिक केंद्र है, जहां आदित्यपुर औद्योगिक क्षेत्र, गम्हरिया, कांड्रा जैसे इलाकों में सैकड़ों छोटी-बड़ी इकाइयां संचालित होती हैं। इन इकाइयों में कार्यरत हजारों मजदूर अक्सर न्यूनतम मजदूरी, कार्यस्थल सुरक्षा, ईएसआई एवं पीएफ कटौती में अनियमितता तथा ठेका प्रथा के शोषण का शिकार होते हैं। नवनियुक्त कमेटी ने स्पष्ट संकेत दिया है कि इन मुद्दों को लेकर चरणबद्ध आंदोलन चलाया जाएगा। जिला अध्यक्ष संजय गोराई ने कहा कि मजदूरों का शोषण किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और श्रम कानूनों का उल्लंघन करने वाली इकाइयों के खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ी जाएगी।
नवनियुक्त पदाधिकारियों को बधाई एवं भविष्य की रणनीति
उन्होंने जिला कमेटी के सभी नवनियुक्त पदाधिकारियों को बधाई एवं शुभकामनाएँ देते हुए विश्वास जताया कि पूरी टीम संगठन को नई ऊँचाइयों तक ले जाने और मजदूर हितों की रक्षा के लिए समर्पित होकर कार्य करेगी। उपाध्यक्ष उमेश महतो, सचिव रोहित प्रधान एवं कोषाध्यक्ष राज महतो समेत सभी 16 कार्यसमिति सदस्यों ने एकजुटता का परिचय देते हुए संगठन के संविधान और सिद्धांतों पर चलने का संकल्प दोहराया है। आने वाले दिनों में जिला कमेटी की पहली बैठक में सदस्यता अभियान, औद्योगिक क्षेत्रवार समितियों के गठन तथा लंबित श्रम विवादों के निपटारे की रूपरेखा तय की जाएगी।

