राष्ट्र संवाद जादूगोड़ा
जादूगोड़ा मुख्य सड़क के किनारे चल रहा अंडरग्राउंड केबलिंग का काम आम जनता के लिए सिरदर्द बन गया है। ठेकेदार की मनमानी और सुरक्षा नियमों की अनदेखी के कारण एक ओर जहां संचार व्यवस्था चरमरा गई है, वहीं दूसरी ओर सड़क पर छोड़े गए गड्ढे और पाइप हादसों को न्योता दे रहे हैं।
बिना सूचना केबल उखाड़ी, बीएसएनएल सेवा ठप
आरोप है कि ठेकेदार के कर्मचारियों ने बिना बीएसएनएल विभाग को सूचना दिए ही खुदाई शुरू कर दी। इस दौरान बीएसएनएल की अंडरग्राउंड केबल पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। नतीजा यह हुआ कि जादूगोड़ा क्षेत्र में बीएसएनएल की लैंडलाइन और ब्रॉडबैंड इंटरनेट सेवा पूरी तरह बंद हो गई है।
बीएसएनएल अधिकारी *दुर्गा चरण महत्व* ने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि “ठेकेदार ने काम शुरू करने से पहले विभाग से समन्वय नहीं किया। मनमर्जी से मशीन चलाकर केबल काट दी गई। अब मजबूरी में हमें अस्थायी रूप से लाइन ऊपर से डालनी पड़ रही है। इससे न सिर्फ काम में देरी हो रही है बल्कि ग्राहकों को भी भारी असुविधा हो रही है।”
पिछले कई घंटों से लोग फोन और इंटरनेट चालू होने का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन अब तक कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई है।
गड्ढे और पाइप बने मौत के जाल
स्थानीय लोगों का कहना है कि खुदाई के बाद सड़क किनारे 3 से 4 फीट गहरे गड्ढे खुले छोड़ दिए गए हैं। न बैरिकेडिंग है, न रात में चेतावनी के लिए कोई लाइट या साइन बोर्ड। इसके साथ ही सड़क किनारे भारी-भरकम पाइप भी लापरवाही से रख दिए गए हैं, जिससे पैदल और दोपहिया चालकों को आवागमन में भारी दिक्कत हो रही है।
समाजसेवी *प्रकाश अग्रवाल* ने कहा, “मेरे घर के सामने ही बड़ा गड्ढा कर दिया गया है। पिछले दो दिनों में अंधेरे में तीन लोग उसमें गिरकर घायल हो चुके हैं। बच्चों और बुजुर्गों का घर से निकलना मुश्किल हो गया है। ठेकेदार सुरक्षा नियमों को पूरी तरह ताक पर रख रहा है।”
प्रशासन से कड़ी कार्रवाई की मांग
लोगों में आक्रोश है कि एक जरूरी काम के नाम पर पूरे क्षेत्र को परेशानी में डाल दिया गया है। स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों ने जिला प्रशासन और संबंधित विभाग से मांग की है कि ठेकेदार पर जुर्माना लगाया जाए, तुरंत सभी गड्ढे भरे जाएं, सड़क से पाइप हटाए जाएं और बीएसएनएल की सेवा 24 घंटे के अंदर बहाल की जाए।
फिलहाल अंडरग्राउंड केबलिंग का काम धीमी गति से चल रहा है, लेकिन उसकी रफ्तार से ज्यादा उसकी लापरवाही चर्चा में है। आम जनता का सवाल है कि विकास के नाम पर क्या इसी तरह लोगों की जान और सुविधाओं से खिलवाड़ किया जाएगा।

