लेखक: राष्ट्र संवाद संवाददाता
वरीय पुलिस अधीक्षक ने बुधवार को पुलिस अधीक्षक (नगर एवं ग्रामीण) तथा सभी पुलिस उपाधीक्षकों के साथ समीक्षा बैठक कर अपराध नियंत्रण एवं लंबित मामलों की समीक्षा की।
जमशेदपुर में अपराध नियंत्रण को लेकर वरीय पुलिस अधीक्षक की अध्यक्षता में हुई इस उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक को बेहद अहम माना जा रहा है। बैठक में पुलिस अधीक्षक (नगर एवं ग्रामीण) समेत जिले के सभी पुलिस उपाधीक्षक मौजूद रहे।
वरीय पुलिस अधीक्षक ने बुधवार को दिए सख्त निर्देश: आदतन अपराधियों पर कसेगा शिकंजा
बैठक के दौरान वरीय पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि आदतन अपराधियों के खिलाफ सीसीए (क्राइम कंट्रोल एक्ट), तड़ीपार, निगरानी एवं पीआईटी-एनडीपीएस जैसे कड़े कानूनी प्रावधानों के तहत प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
इसके अलावा आर्म्स एक्ट, फायरिंग, छिनतई तथा एनडीपीएस अधिनियम से जुड़े लंबित मामलों में वांछित अभियुक्तों की शीघ्र गिरफ्तारी सुनिश्चित करते हुए उनके विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई करने के आदेश दिए गए। वरीय पुलिस अधीक्षक ने थाना प्रभारियों को भी निर्देशित किया कि वे अपने-अपने क्षेत्र में सक्रिय अपराधियों की सूची अद्यतन करें और उनकी गतिविधियों पर कड़ी नजर रखें।
बैठक में आदतन अपराधियों के विरुद्ध सीसीए, तड़ीपार, निगरानी एवं पीआईटी-एनडीपीएस के तहत प्रभावी कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया। इसके अलावा आर्म्स एक्ट, फायरिंग, छिनतई तथा एनडीपीएस अधिनियम से संबंधित मामलों में वांछित अभियुक्तों की शीघ्र गिरफ्तारी सुनिश्चित करते हुए उनके विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई करने के आदेश दिए गए।
जिले में हाल के दिनों में बढ़ती आपराधिक घटनाओं को देखते हुए यह बैठक बुलाई गई थी। वरीय पुलिस अधीक्षक ने कहा कि अपराध नियंत्रण के लिए समन्वय के साथ सख्ती से अभियान चलाने की आवश्यकता है। उन्होंने सभी अधिकारियों को आपस में तालमेल बनाकर काम करने और सूचना तंत्र को मजबूत करने पर जोर दिया।
वरीय पुलिस अधीक्षक ने सभी अधिकारियों को अपराध नियंत्रण के लिए समन्वय के साथ सख्ती से अभियान चलाने का निर्देश दिया।
सीसीए, तड़ीपार और पीआईटी-एनडीपीएस: जानें इन कानूनों को
सीसीए (क्राइम कंट्रोल एक्ट) के तहत आदतन अपराधियों को बिना मुकदमे के हिरासत में लिया जा सकता है। तड़ीपार आदेश के तहत अपराधी को जिले या राज्य की सीमा से बाहर भेजा जाता है। पीआईटी-एनडीपीएस (प्रिवेंशन ऑफ इलिसिट ट्रैफिक इन नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस एक्ट) मादक पदार्थों की तस्करी में लिप्त लोगों पर लगाया जाता है। इन कानूनों का सख्ती से पालन कराने के लिए वरीय पुलिस अधीक्षक ने विशेष टीमों के गठन का भी निर्देश दिया है।
बैठक में लंबित मामलों की समीक्षा करते हुए पाया गया कि कई गंभीर मामलों में चार्जशीट दाखिल नहीं हुई है। वरीय पुलिस अधीक्षक ने जांच अधिकारियों को एक माह के भीतर लंबित जांच पूरी करने का अल्टीमेटम दिया। साथ ही न्यायालय में लंबित मामलों की प्रभावी पैरवी करने के लिए अभियोजन शाखा से समन्वय स्थापित करने को कहा।
जमशेदपुर पुलिस की इस पहल से नागरिकों में सुरक्षा का भाव जगा है। स्थानीय व्यवसायी वर्ग ने वरीय पुलिस अधीक्षक के इस कदम की सराहना की है। छिनतई और फायरिंग की घटनाओं पर अंकुश लगने से व्यापारियों को राहत मिलने की उम्मीद है। झारखंड पुलिस की आधिकारिक वेबसाइट पर भी नागरिकों से सहयोग की अपील की गई है।
इस बैठक के बाद जिले के थाना प्रभारियों को भी आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं। वरीय पुलिस अधीक्षक ने साफ कर दिया है कि लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर भी कार्रवाई होगी। नागरिकों से भी अपील की गई है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।

