लेखक: राष्ट्र संवाद संवाददाता
जमशेदपुर में कानून व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए वरीय पुलिस अधीक्षक ने अपराधियों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश जारी करते हुए एक अहम समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक का उद्देश्य जिले में बढ़ते अपराधिक ग्राफ पर अंकुश लगाना और लंबित पड़े मामलों का त्वरित निष्पादन सुनिश्चित करना था।
अपराधियों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश: बैठक के प्रमुख बिंदु
वरीय पुलिस अधीक्षक ने बुधवार को पुलिस अधीक्षक (नगर एवं ग्रामीण) तथा सभी पुलिस उपाधीक्षकों के साथ समीक्षा बैठक कर अपराध नियंत्रण एवं लंबित मामलों की समीक्षा की।
बैठक में आदतन अपराधियों के विरुद्ध सीसीए, तड़ीपार, निगरानी एवं पीआईटी-एनडीपीएस के तहत प्रभावी कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया। इसके अलावा आर्म्स एक्ट, फायरिंग, छिनतई तथा एनडीपीएस अधिनियम से संबंधित मामलों में वांछित अभियुक्तों की शीघ्र गिरफ्तारी सुनिश्चित करते हुए उनके विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई करने के आदेश दिए गए। वरीय पुलिस अधीक्षक ने सभी अधिकारियों को अपराध नियंत्रण के लिए समन्वय के साथ सख्ती से अभियान चलाने का निर्देश दिया।
सीसीए और पीआईटी-एनडीपीएस के तहत कसेगा शिकंजा
पुलिस सूत्रों के अनुसार, आदतन अपराधियों की सूची तैयार कर ली गई है जिनके विरुद्ध सीसीए (क्रिमिनल लॉ अमेंडमेंट एक्ट) और पीआईटी-एनडीपीएस (प्रिवेंशन ऑफ इलिसिट ट्रैफिक इन नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस एक्ट) के तहत कार्रवाई प्रस्तावित है। इन धाराओं के तहत अपराधियों को जिलाबदर (तड़ीपार) करने के साथ-साथ उनकी संपत्ति जब्ती की प्रक्रिया भी शुरू की जा सकती है। यह कदम जमशेदपुर के शहरी और ग्रामीण इलाकों में सक्रिय गिरोहों की कमर तोड़ने के लिए उठाया गया है। पूर्व में भी ऐसे अपराधियों पर नकेल कसने से अपराध दर में उल्लेखनीय कमी आई थी।
आर्म्स एक्ट और फायरिंग के मामलों में तेजी
हाल के महीनों में आर्म्स एक्ट और फायरिंग की घटनाओं में वृद्धि दर्ज की गई है। वरीय पुलिस अधीक्षक ने ऐसे मामलों में वांछित अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीमों का गठन करने का आदेश दिया है। छिनतई की घटनाओं पर भी गहरी चिंता व्यक्त करते हुए उन्होंने थाना प्रभारियों को गश्ती बढ़ाने और सीसीटीवी फुटेज की मदद से अपराधियों की पहचान कर जल्द गिरफ्तार करने को कहा है। तकनीकी सेल को भी सक्रिय कर सर्विलांस के माध्यम से अपराधियों की लोकेशन ट्रेस करने का निर्देश दिया गया है।
नशे के कारोबार पर प्रहार
एनडीपीएस अधिनियम से जुड़े मामलों की समीक्षा करते हुए पुलिस कप्तान ने नशे के सौदागरों के नेटवर्क को ध्वस्त करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि नशे की लत युवाओं को अपराध की ओर धकेलती है, इसलिए सप्लाई चेन को तोड़ना प्राथमिकता है। इसके लिए खुफिया तंत्र को मजबूत करने और अंतरराज्यीय सीमाओं पर चेकिंग अभियान चलाने का निर्देश दिया गया है। नशा मुक्ति केंद्रों के साथ समन्वय स्थापित कर पुनर्वास पर भी बल दिया जाएगा।
समन्वय और सख्ती: दोहरी रणनीति
वरीय पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट किया कि अपराध नियंत्रण केवल थाना स्तर पर संभव नहीं है, इसके लिए नगर और ग्रामीण एसपी के साथ-साथ सभी डीएसपी को आपसी समन्वय स्थापित कर संयुक्त अभियान चलाना होगा। उन्होंने लंबित कांडों के निष्पादन के लिए एक समय सीमा निर्धारित करते हुए कहा कि सुपरविजन में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर भी कार्रवाई होगी। साप्ताहिक समीक्षा बैठकों के माध्यम से प्रगति की निगरानी की जाएगी।
पुलिस मुख्यालय के निर्देशानुसार, जिले में सामुदायिक पुलिसिंग को भी बढ़ावा दिया जाएगा ताकि आम जनता का विश्वास जीता जा सके और अपराधियों के बारे में गुप्त सूचनाएं प्राप्त हो सकें। बैठक में उपस्थित सभी अधिकारियों ने वरीय पुलिस अधीक्षक के निर्देशों का अक्षरशः पालन करने का आश्वासन दिया। जानकारों का मानना है कि इस उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक के बाद जमशेदपुर पुलिस की कार्यशैली में आक्रामकता आएगी और आम नागरिकों को राहत मिलेगी। झारखंड पुलिस की आधिकारिक वेबसाइट पर भी नागरिक अपनी शिकायतें दर्ज करा सकते हैं।

