कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने बुधवार को केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह के उस दावे को सिरे से खारिज कर दिया जिसमें उन्होंने कहा था कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष संसद में चर्चा की अपनी पहले की मांग से पीछे हट गए। गांधी ने भाजपा नेता सिंह को ‘अप्रासंगिक व्यक्ति’ करार दिया।
राहुल गांधी ने जितेंद्र सिंह को बताया ‘अप्रासंगिक व्यक्ति’
नयी दिल्ली, 22 जुलाई (भाषा) कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह के उस दावे को बुधवार को खारिज कर दिया जिसमें उन्होंने कहा था कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष संसद में चर्चा की अपनी पहले की मांग से ‘‘पीछे हट गए।’’ गांधी ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता सिंह को “अप्रासंगिक व्यक्ति” करार दिया।
गांधी ने संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए मोदी सरकार पर देश की शिक्षा व्यवस्था को बर्बाद करने का आरोप लगाया और प्रदर्शन कर रहे छात्रों को पूरा समर्थन देते हुए कहा कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे सहित उनकी सभी मांगें पूरी तरह जायज हैं और उन पर कोई समझौता नहीं किया जा सकता।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आवास के बाहर कांग्रेस के धरने के दौरान जितेंद्र सिंह ने दावा किया था कि नेता प्रतिपक्ष गांधी अपनी पहले की मांग से पीछे हट गए। इस बारे में पूछे जाने पर गांधी ने कहा, ‘‘इस चर्चा में जितेंद्र सिंह अप्रासंगिक हैं। वह एक अप्रासंगिक व्यक्ति हैं। वह जो चाहे कह सकते हैं, लेकिन इस चर्चा में उनका कोई महत्व नहीं है। मामला बिल्कुल स्पष्ट है। हमारी मांगें स्पष्ट हैं और वे छात्रों की मांगें हैं-पहली, धर्मेंद्र प्रधान को जाना होगा; दूसरी, छात्रों पर हमला करने वालों को सजा मिलनी चाहिए; और तीसरी, प्रधानमंत्री को छात्रों से माफी मांगनी चाहिए।”
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष गांधी ने कहा, “श्री जितेंद्र सिंह अपनी कल्पना में जो चाहे देख सकते हैं। उन्हें ऐसा करने की पूरी छूट है। मुझे उससे कोई मतलब नहीं है।”
राहुल गांधी की यह टिप्पणी ऐसे समय आयी है जब एक दिन पहले वह, प्रियंका गांधी वाद्रा और समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव प्रधानमंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर उनके आवास के बाहर धरने पर बैठे थे और पुलिस ने उन्हें वहां से हटाया था।
उच्च सुरक्षा वाले क्षेत्र में हुए इस अचानक धरने से सरकार में हलचल मच गई। इसके बाद प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) में राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह और केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन को विपक्षी नेताओं को वहां से हटने के लिए मनाने भेजा गया।
गांधी और जितेंद्र सिंह के बीच कुछ मिनट तक बातचीत हुई, लेकिन कोई सहमति नहीं बन सकी और दोनों वहां से चले गए।
जितेंद्र सिंह के वहां से जाने के कुछ ही देर बाद पुलिस ने गांधी और अन्य नेताओं को बलपूर्वक हटाकर हिरासत में ले लिया। हिरासत में लिये जाने के बाद राहुल गांधी को मॉडल टाउन स्थित छत्रसाल स्टेडियम ले जाया गया, जहां से उन्हें कुछ घंटे बाद रिहा कर दिया गया।
प्रधानमंत्री आवास के बाहर गतिरोध के दौरान जितेंद्र सिंह ने एक कड़े बयान में आरोप लगाया था कि नेता प्रतिपक्ष गांधी अपनी पहले की मांग से ‘‘पीछे हट गए’’ है और यह उनके पद की गरिमा के अनुरूप नहीं है।
मंत्री ने कहा था कि राहुल गांधी ने उनके अनुरोध को स्वीकार नहीं किया और इसके बजाय केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर अड़े रहे।
उन्होंने यह भी कहा था कि ‘‘कांग्रेस ने राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) मुद्दे पर संसद में नियमों के तहत औपचारिक चर्चा के लिए अब तक कोई नोटिस नहीं दिया है।’’
जितेंद्र सिंह ने कहा था, “राहुल गांधी जैसे वरिष्ठ नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष का अपनी बात से पीछे हटना दुर्भाग्यपूर्ण है और लोकतांत्रिक परंपराओं के विपरीत है।”
उन्होंने यह भी कहा था, “सरकार संसद में नीट और उससे जुड़े आंदोलन से संबंधित सभी मुद्दों पर चर्चा के लिए तैयार है… राहुल गांधी का आचरण लोकतांत्रिक सिद्धांतों के अनुरूप नहीं है।”
इस पूरे घटनाक्रम पर संसदीय कार्यवाही की विस्तृत जानकारी के लिए भारतीय संसद की आधिकारिक वेबसाइट देखी जा सकती है। कांग्रेस ने स्पष्ट किया है कि छात्रों के हित में उनकी मांगें जारी रहेंगी और सरकार को जवाब देना होगा।

