लेखक: राष्ट्र संवाद संवाददाता
जमशेदपुर में राजनीतिक पारा एक बार फिर चढ़ गया है। जमशेदपुर पश्चिम विधानसभा क्षेत्र के वर्तमान विधायक सरयू राय के एक कथित बयान को लेकर कांग्रेस पार्टी ने मोर्चा खोल दिया है। मानगो क्षेत्र में इस बयान को लेकर स्थानीय निवासियों और राजनीतिक कार्यकर्ताओं में भारी रोष देखा जा रहा है। जमशेदपुर की राजनीति में बयानों के तीर चलना कोई नई बात नहीं है, लेकिन इस बार मामला सीधे तौर पर मानगो की जनता के आत्मसम्मान और उनकी प्रतिष्ठा से जुड़ गया है। कांग्रेस ने इस मुद्दे को लेकर सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है।
जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय द्वारा मानगो की जनता को लेकर दिए गए कथित बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए मानगो चौक में मानगो कांग्रेस प्रखंड अध्यक्ष ईश्वर सिंह के नेतृत्व में कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ताओं ने सरयू राय मुर्दाबाद, सरयू राय मानगो की जनता से माफी मांगो के नारों के साथ साथ उनका का पुतला दहन किया.इस दौरान ईस्वर सिंह ने कहा कि यदि किसी जनप्रतिनिधि द्वारा यह कहा जाता है कि मानगो के हर घर में अपराधी पैदा होते हैंष, तो यह न केवल मानगो की लाखों सम्मानित जनता का अपमान है, बल्कि जनप्रतिनिधि की सोच और मानसिकता को भी दर्शाता है।
विधायक सरयू राय के बयान पर कांग्रेस का तीखा हमला
उन्होंने कहा कि जिस क्षेत्र की जनता ने सरयू राय को अपना विधायक चुना, उसी जनता को अपराधी बताना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय है.मानगो के हर घर में मेहनतकश, ईमानदार और स्वाभिमानी लोग रहते हैं, जिन्होंने अपने परिश्रम से समाज और शहर के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। पूरे क्षेत्र को अपराध से जोड़कर देखना किसी भी जनप्रतिनिधि को शोभा नहीं देता।
इस विरोध प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने कहा कि जमशेदपुर पश्चिम की जनता ने बड़े भरोसे के साथ सत्ता की बागडोर सौंपी थी। लेकिन आज वही जनता खुद को ठगा हुआ महसूस कर रही है। कांग्रेस कार्यकर्ताओं का कहना है कि मानगो एक ऐसा क्षेत्र है जहाँ विभिन्न वर्गों, संस्कृतियों और व्यवसायों से जुड़े लोग शांतिपूर्वक निवास करते हैं। यहाँ के युवाओं ने शिक्षा, खेल और व्यापार के क्षेत्र में न केवल झारखंड बल्कि पूरे देश में शहर का नाम रोशन किया है। ऐसे में पूरे क्षेत्र को अपराधियों का गढ़ बताना अत्यंत पीड़ादायक है। स्थानीय लोगों के अनुसार, राजनीतिक लाभ के लिए इस प्रकार की बयानबाजी समाज में विभाजन पैदा करती है।
भय और भ्रष्टाचार के आरोपों पर घिरे जनप्रतिनिधि
अपने चुनाव के दौरान उन्होंने जमशेदपुर की जनता से वादा किया था कि भय और भ्रष्टाचार के खिलाफ वोट दे लेकिन सच है कि उनके कार्यकाल में सबसे ज्यादा क्राइम हो रहा है और आश्चर्य कि बात है कि वे अपराधी के समर्थन में खडे रह रहे है डीडी बार हत्याकांड में यह दिख गया है, साथ ही उनके कार्यकाल में मानगो नगर निगम के योजनाओं में उनके समर्थक संवेदको द्वारा जो भ्रष्टाचार किया गया है वो लगातार प्रकाश में आ रहा है।
डीडी बार हत्याकांड जमशेदपुर के सबसे चर्चित आपराधिक मामलों में से एक रहा है। इस मामले में पुलिस प्रशासन की जांच और राजनीतिक हस्तक्षेप को लेकर पहले भी कई सवाल उठ चुके हैं। कांग्रेस का आरोप है कि इस गंभीर हत्याकांड में संलिप्त तत्वों को राजनीतिक संरक्षण प्राप्त हो रहा है। इसके अलावा, मानगो नगर निगम के तहत होने वाले विभिन्न विकास कार्यों में बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितताओं के आरोप लगे हैं। स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ताओं का दावा है कि विकास योजनाओं के आवंटन में चहेते ठेकेदारों को अनुचित लाभ पहुँचाया गया है, जिससे सड़कों और नालियों के निर्माण कार्य की गुणवत्ता बेहद खराब हो गई है। इसकी निष्पक्ष जांच के लिए कई बार प्रशासनिक स्तर पर मांग की जा चुकी है। अधिक जानकारी के लिए आप दैनिक जागरण पर प्रशासनिक अपडेट देख सकते हैं।
जमशेदपुर में भ्रष्टाचार और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर स्थानीय निवासियों में लगातार चिंता बनी हुई है। सामाजिक और व्यावसायिक संगठनों का मानना है कि शहर की शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए जनप्रतिनिधियों और पुलिस प्रशासन के बीच समन्वय बेहद आवश्यक है। लेकिन वर्तमान परिस्थितियों में ऐसा प्रतीत होता है कि राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के कारण मूल विकास कार्य और कानून व्यवस्था प्रभावित हो रहे हैं। नागरिकों का कहना है कि चुनावी वादों को अमली जामा पहनाने में विफलता को छिपाने के लिए इस प्रकार के भड़काऊ और अपमानजनक बयान दिए जाते हैं, जिससे मुख्य मुद्दों से जनता का ध्यान भटकाया जा सके।
मानगो की जनता से बिना शर्त माफी की मांग
ईश्वर सिंह ने कहा कि जनता का अपमान करने वाला ऐसा वक्तव्य किसी भी कीमत पर स्वीकार्य नहीं है। कांग्रेस पार्टी इसकी कड़ी निंदा करती है और विधायक सरयू राय से मांग करती है कि वे अपने बयान पर सार्वजनिक रूप से मानगो की जनता से बिना शर्त माफी मांगें।
कांग्रेस पार्टी ने चेतावनी दी है कि यदि इस मामले में त्वरित कार्रवाई नहीं हुई और सार्वजनिक रूप से माफी नहीं मांगी गई, तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा। आने वाले विधानसभा चुनावों को देखते हुए यह विवाद राजनीतिक रूप से काफी गरमा गया है। स्थानीय लोगों का मानना है कि जनप्रतिनिधियों को अपनी भाषा पर संयम रखना चाहिए और किसी भी क्षेत्र के नागरिकों के स्वाभिमान को ठेस नहीं पहुँचानी चाहिए। अब देखना यह है कि इस गंभीर विवाद पर वर्तमान विधायक की ओर से क्या स्पष्टीकरण आता है।

