संकट की घड़ी में राजनीति नहीं, इंसानियत साथ खड़ी रही : चंदन सिंह
राष्ट्र संवाद संवाददाता
जमशेदपुर कोलकाता के अपोलो अस्पताल में अपने पुत्र प्रत्यूष आनंद के इलाज के दौरान एक भावुक क्षण का उल्लेख करते हुए चंदन सिंह ने अपने फेसबुक पेज पर लिखा कि संकट की इस घड़ी में उन्हें राजनीति से ऊपर उठकर इंसानियत का सच्चा स्वरूप देखने को मिला। उन्होंने बताया कि शुक्रवार देर रात बिना किसी पूर्व सूचना के ईचागढ़ के पूर्व विधायक अरविंद सिंह (मलखान सिंह), झारखंड के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री एवं जमशेदपुर पश्चिम के पूर्व विधायक बन्ना गुप्ता, रांची निवासी मनोज सिंह तथा मानगो निवासी मस्तान सिंह अस्पताल पहुंचे।
चंदन सिंह ने लिखा कि जब इमरजेंसी रिसेप्शन से उन्हें इन नेताओं के आने की सूचना मिली और वह मिलने पहुंचे, तो कुछ क्षणों के लिए नि:शब्द रह गए। उन्होंने कहा कि जिस समय उनका बेटा जिंदगी और मौत से संघर्ष कर रहा है, परिवार पूरी तरह टूट चुका है और अपने राजनीतिक परिवार से केवल खामोशी मिली, उसी समय अलग-अलग राजनीतिक विचारधारा से जुड़े ये वरिष्ठ नेता आधी रात को अस्पताल पहुंचकर उनके परिवार का हौसला बढ़ाने के लिए साथ खड़े थे।
उन्होंने कहा कि दोनों नेताओं ने केवल कुशलक्षेम नहीं पूछा, बल्कि मानसिक संबल देते हुए यह भरोसा दिलाया कि उनका परिवार इस कठिन दौर में अकेला नहीं है। चंदन सिंह ने अरविंद सिंह (मलखान सिंह) और बन्ना गुप्ता के प्रति गहरी कृतज्ञता व्यक्त करते हुए लिखा कि संकट के समय बिना बुलाए साथ खड़ा होने वाला ही वास्तव में अपना होता है। उन्होंने दोनों नेताओं के स्वस्थ एवं दीर्घायु जीवन की कामना करते हुए कहा कि उनका यह स्नेह, संवेदनशीलता और मानवीय व्यवहार उनका परिवार जीवनभर नहीं भूल पाएगा।

