इस्कॉन कदमा में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच संपन्न हुई भगवान जगन्नाथ की भव्य स्नान यात्रा
राष्ट्र संवाद संवाददाता
जमशेदपुर:कदमा स्थित इस्कॉन मंदिर में सोमवार को ज्येष्ठ पूर्णिमा के पावन अवसर पर भगवान श्री जगन्नाथ, बलभद्र एवं सुभद्रा की पारंपरिक स्नान यात्रा श्रद्धा, भक्ति और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच धूमधाम से आयोजित की गई। इस दौरान हजारों श्रद्धालुओं ने भगवान के दर्शन कर आध्यात्मिक आनंद की अनुभूति प्राप्त की।
धार्मिक परंपरा के अनुसार भगवान श्री जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा को मंदिर के गर्भगृह से बाहर स्नान वेदी पर विराजमान कर 108 पवित्र कलशों के जल से महाभिषेक किया गया। वैदिक मंत्रोच्चार, भजन-कीर्तन और पूजा-अर्चना से पूरा मंदिर परिसर भक्तिमय वातावरण में सराबोर रहा।
शास्त्रों के अनुसार स्नान यात्रा के बाद भगवान लगभग 15 दिनों तक अस्वस्थ होकर विश्राम करते हैं। इस अवधि को अनवासर कहा जाता है, जब भक्तों को भगवान के प्रत्यक्ष दर्शन नहीं होते। इसके बाद भगवान नवयौवन स्वरूप में दर्शन देते हैं, जिसे नवयौवन दर्शन कहा जाता है। इसी के उपरांत विश्वविख्यात भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा का शुभारंभ होता है।
कार्यक्रम की शुरुआत प्रातः 4:30 बजे मंगल आरती से हुई। सुबह 6:30 बजे कलश यात्रा निकाली गई, 8:30 बजे दर्शन यात्रा आयोजित हुई तथा 11:30 बजे भगवान का पवित्र स्नान समारोह प्रारंभ हुआ। स्नान यात्रा के उपरांत हजारों श्रद्धालुओं ने महाप्रसाद ग्रहण किया।
इस अवसर पर इस्कॉन कदमा के तारकेश्वर जी, अमित कुमार, सुरेश सोंथालिया, संतोष अगरहरि, सवाँरमल शर्मा, दिलीप गोयल, नवीन श्रीवास्तव, विनोद शर्मा, पवन शर्मा, शिव सुंदर अग्रवाल, अनुराग, हर्ष बकरेवाल, विनोद अग्रवाल सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

