Close Menu
Rashtra SamvadRashtra Samvad
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • होम
    • राष्ट्रीय
    • अन्तर्राष्ट्रीय
    • राज्यों से
      • झारखंड
      • बिहार
      • उत्तर प्रदेश
      • ओड़िशा
    • संपादकीय
      • मेहमान का पन्ना
      • साहित्य
      • खबरीलाल
    • खेल
    • वीडियो
    • ईपेपर
    Topics:
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Home » सच का शोर और पत्रकारिता की खामोशी: क्या खो गया है लोकतंत्र का चौथा स्तंभ?
    राष्ट्रीय संपादकीय संवाद विशेष

    सच का शोर और पत्रकारिता की खामोशी: क्या खो गया है लोकतंत्र का चौथा स्तंभ?

    Devanand SinghBy Devanand SinghJune 27, 2026No Comments3 Mins Read
    Share Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    पत्रकारिता की खामोशी
    Share
    Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link

    लेखक: इंद्र यादव

    मुंबई/इंद्र यादव/आजकल कहा जाता है कि कलम में बहुत ताकत होती है। लेकिन सच तो यह है कि अब यह कलम अक्सर ‘विज्ञापन’ और ‘पैसे’ के दबाव में दब कर रह गई है, जिससे पत्रकारिता की खामोशी बढ़ती जा रही है।

    हम रोज सुबह अखबार पढ़ते हैं या टीवी देखते हैं, यह उम्मीद लेकर कि हमें सच पता चलेगा। अखबार और न्यूज़ चैनल खुद को ‘समाज का आईना’ और ‘लोकतंत्र का चौथा स्तंभ’ बताते हैं। सुनने में यह सब बहुत अच्छा लगता है, लेकिन असलियत थोड़ी अलग है। आज का यह ‘आईना’ इतना ज्यादा धुंधला हो चुका है कि इसमें हमें सिर्फ वही दिखता है जो वे हमें दिखाना चाहते हैं।

    पत्रकारिता की खामोशी: सच लिखना अब ‘बिजनेस’ बन गया है

    कभी पत्रकारिता एक सेवा और तपस्या हुआ करती थी। आज यह सिर्फ ‘टीआरपी’ का खेल बन गई है। आज का पत्रकार स्टूडियो में बैठकर दुनिया भर की बातें तो कर लेता है, लेकिन उसके अपने शहर की टूटी सड़कें या गरीब की समस्या उसे कभी नहीं दिखती। क्योंकि वहां से उसे ‘टीआरपी’ नहीं मिलती। सच लिखने की हिम्मत अब कम और अपने फायदे का सौदा ज्यादा दिखाई देता है।

    जनता की आवाज़ या सिर्फ शोर

    हम सुनते हैं कि पत्रकार ‘जनता की आवाज़’ हैं। पर सच ये है कि आजकल के न्यूज़ चैनलों पर सिर्फ शोर सुनाई देता है। जो जितना जोर से चिल्लाएगा, उसे उतना ही ‘सच्चा’ मान लिया जाता है। सच को आराम से और बिना डर के कहना अब किसी को पसंद नहीं, क्योंकि उसे मसालेदार तरीके से पेश करने में ही सबको मज़ा आता है।

    निष्पक्षता का मतलब ही बदल गया है

    आज के दौर में निष्पक्ष होना सबसे मुश्किल काम है। अगर आप किसी एक पक्ष की गलत बात नहीं कहेंगे, तो आपको तुरंत किसी एक पार्टी का समर्थक बता दिया जाएगा। सच तो यह है कि लोग अब निष्पक्ष खबर सुनना ही नहीं चाहते। हर कोई वही सुनना चाहता है जो उसकी अपनी पसंद से मेल खाता हो।

    बदलाव कैसे आएगा?

    हम बड़ी-बड़ी बातें करते हैं कि ‘विचारों और संस्कारों’ से ही समाज बदलेगा। ये बातें अच्छी हैं, पर क्या ये सिर्फ भाषणों तक सीमित हैं!

    • जब तक पत्रकारिता बिकती रहेगी, तब तक वह जनता की आवाज़ नहीं बन सकती।
    • जब तक हम (पाठक और दर्शक) खुद सच को परखना नहीं सीखेंगे, तब तक हमें झूठ ही परोसा जाएगा।
    • समाज का आईना तब तक साफ नहीं होगा, जब तक हम खुद उसे साफ करने की कोशिश नहीं करेंगे।

    पत्रकार को अपनी ईमानदारी बचाए रखनी होगी और हमें, यानी आम जनता को, सही और गलत का फर्क समझने की कोशिश करनी होगी। कलम की असली ताकत तभी दिखेगी, जब वह बिना डरे और बिना बिके सच लिखेगी।

    क्या आपको लगता है कि आज के दौर में निष्पक्ष खबरें कहीं खो गई हैं, या आप अभी भी ऐसी खबरें ढूंढ लेते हैं जिन पर भरोसा किया जा सके! मीडिया नैतिकता पर अधिक जानें। [INTERNAL_LINK_HOLDER]

    निष्पक्ष खबर पत्रकारिता मीडिया लोकतंत्र सामाजिक मुद्दे
    Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Previous Articleमेडॉल-हेल्थ मैप भुगतान पर सरयू राय का सवाल, बोले- बकाया बिल चुकाने के लिए रिम्स पर बनाया जा रहा दबाव
    Next Article पुलिस मुठभेड़ में मारे गए भरत भूषण तिवारी के परिजनों से मिले उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय

    Related Posts

    आपके प्रेस विज्ञप्ति के आधार पर एक प्रकाशन योग्य, आकर्षक और प्रोफेशनल हिंदी समाचार

    June 27, 2026

    दो साल बाद बहरागोड़ा में फिर शुरू होगा पल्स पोलियो अभियान, 28 से 30 जून तक चलेगा विशेष अभियान

    June 27, 2026

    एडीएलएस सनशाइन स्कूल में सीआईएससीई जोनल कराटे चयन ट्रायल्स का आयोजन, 23 स्कूलों के 196 खिलाड़ियों ने लिया हिस्सा

    June 27, 2026

    Comments are closed.

    अभी-अभी

    पोटका में विकराल रूप लेता जा रहा है ब्रेन मलेरिया, प्रदेश से लेकर जिला की टीम पहुंची

    आदित्यपुर जलापूर्ति योजना: 8 साल बाद भी अधूरी, 15 जुलाई तक पानी नहीं तो जन आंदोलन: पुरेन्द्र

    पोटका में विभिन्न गांव में फैला ब्रेन मलेरिया, पोटका सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र भर्ती छात्र _ छात्राओं से मिलने पहुंची समाजसेविका दुखनी सोरेन 

    आपके प्रेस विज्ञप्ति के आधार पर एक प्रकाशन योग्य, आकर्षक और प्रोफेशनल हिंदी समाचार

    राष्ट्रीय राजमार्ग-520 भद्राशाही निकट डिवाइडर पर चढ़ा ट्रक, पुलिया मे गिरने से बाल-बाल बचा 

    दो साल बाद बहरागोड़ा में फिर शुरू होगा पल्स पोलियो अभियान, 28 से 30 जून तक चलेगा विशेष अभियान

    जगन्नाथ रथ यात्रा महोत्सव 29 जून से, चांडिल में भक्ति और उत्साह का माहौल

    बोलानी मे शांतिपूर्ण माहौल मे निकाला गया मूहर्रम का जूलस।युवाओं ने दिखाई हैरतअंगेज कारनामे

    एडीएलएस सनशाइन स्कूल में सीआईएससीई जोनल कराटे चयन ट्रायल्स का आयोजन, 23 स्कूलों के 196 खिलाड़ियों ने लिया हिस्सा

    सेल के अध्यक्ष ने जेजीओएम एवं ओजीओएम की खनन गतिविधियों की समीक्षा की सुरक्षा, उत्पादन वृद्धि एवं तकनीकी नवाचार पर दिया विशेष बल 

    Facebook X (Twitter) Telegram WhatsApp
    © 2026 News Samvad. Designed by Cryptonix Labs .

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.