भरत तिवारी के कथित फर्जी एनकाउंटर के विरोध में साकची में कैंडल मार्च, निष्पक्ष जांच की मांग
राष्ट्र संवाद संवाददाता
जमशेदपुर, 21 जून: बिहार के शाहपुर विधानसभा क्षेत्र के जवनिया गांव निवासी भरत तिवारी के कथित फर्जी एनकाउंटर के विरोध में रविवार को साकची गोलचक्कर पर कैंडल मार्च सह विचार संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में समाज के लोगों ने भाग लिया और मामले की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग उठाई। इस दौरान उपस्थित लोगों ने भरत तिवारी को श्रद्धांजलि अर्पित की।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि किसी भी मामले में कानून और संवैधानिक प्रक्रियाओं का पालन सर्वोपरि होना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि किसी कार्रवाई में पारदर्शिता नहीं होती है तो इससे आम लोगों का न्याय व्यवस्था पर विश्वास कमजोर पड़ता है। वक्ताओं ने भरत तिवारी की मौत से जुड़े सभी तथ्यों को सामने लाने के लिए स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच की आवश्यकता पर जोर दिया।

समाज के वरिष्ठ सदस्य पूर्व डीएसपी कमल किशोर ने अपने संबोधन में कहा कि वर्तमान समय में लोग संस्कार और संवेदनाओं से दूर होते जा रहे हैं, जिससे न्याय व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि भरत तिवारी का एनकाउंटर कई गंभीर प्रश्नों को जन्म देता है और इसकी उच्चस्तरीय जांच कराई जानी चाहिए। उन्होंने मांग की कि यदि जांच में किसी अधिकारी या कर्मी की लापरवाही अथवा अनियमितता सामने आती है तो उनके विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए।
कार्यक्रम में सरकार से पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने, उचित आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने तथा परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की भी मांग की गई। वक्ताओं ने कहा कि पीड़ित परिवार को हर संभव सहयोग मिलना चाहिए।
कार्यक्रम के अंत में लोगों ने मोमबत्तियां जलाकर भरत तिवारी की स्मृति को नमन किया और चेतावनी दी कि यदि मामले की निष्पक्ष जांच नहीं हुई तो लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
इस अवसर पर संतोष तिवारी, बलबीर मंडल, दीपक सिंह, अप्पू तिवारी, प्रकाश दुबे, संजय यादव, पवन तिवारी, राहुल तिवारी, ऋषभ सिंह, नवीन राय, हेमंत पाठक, संजय तिवारी, सोनू तिवारी, विष्णु मोहंती समेत बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे।

