राष्ट्र संवाद संवाददाता
राखा कॉपर माइंस में ठेका मजदूरों को वेतन न मिलने पर मंगलवार को हुए गेट जाम के बाद अब ग्रामीणों का गुस्सा भी फूट पड़ा है। मंगलवार को हुई बैठक में ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि जिंदल कंपनी द्वारा खोली जा रही माइंस में नियमों की अनदेखी हो रही है।
बैठक में ग्रामीणों ने उठाए ये मुद्दे:
1. *पानी दूषित*: माइंस से निकलने वाले गंदे पानी को सीधे नदी-नालों में छोड़ा जा रहा है, जिससे पीने का पानी खराब हो रहा है।
2. *बिना ग्रामसभा पेड़ों की कटाई*: कंपनी ने बिना ग्रामसभा की अनुमति के जंगल में पेड़ काट दिए। ग्रामीणों का कहना है कि PESA कानून के तहत ग्रामसभा की मंजूरी जरूरी है।
3. *मजदूरों का वेतन अटका*: जीत एंटरप्राइज़ के अधीन काम करने वाले करीब 15 मजदूरों को एक महीने का वेतन समय पर नहीं मिला, जिसके कारण मंगलवार को 1 घंटे तक गेट जाम रहा। कंपनी ने बाद में बैंक तकनीकी खराबी बताकर भुगतान किया।
ग्रामीणों की चेतावनी
बैठक में मौजूद बाघराय मार्डी ने कहा, “कंपनी खुलने से पहले ही पानी-पेड़ का नुकसान शुरू हो गया। वेतन भी समय पर नहीं मिल रहा। अगर ऐसा ही चला तो उग्र आंदोलन करेंगे।” ग्रामीणों ने डीसी और प्रदूषण बोर्ड से जांच की मांग की है।
स्थानीय मजदूरों को नौकरी नहीं रोजगार नहीं दिया जा रहा है साथ ही साथ कई मुद्दे पर कंपनी के साथ वार्ता हुई है अगर ग्राम सभा को अनदेखी किया गया और स्थानीय ग्रामीण क्रांति किया गया तो ग्रामीण विरोध प्रदर्शन करेंगे।
ग्राम प्रधान मनोरंजन महतो का कहना है कि कंपनी के द्वारा पूरी तरह से नियम की अनदेखी की जा रही है स्थानीय ग्रामीणों की और अच्छी की जा रही है बाहरी लोगों से काम करवाया जा रहा है नदी नाला को प्रदूषण की जा रहे हैं पर्यावरण को नुकसान पहुंचाया जा रहा है यह ग्रामीण कभी बर्दाश्त नहीं करेंगे।
कंपनी का पक्ष
राखा कॉपर माइंस में मुख्य ठेका साउथ वेस्ट माइनिंग लिमिटेड के पास है। जीत एंटरप्राइज़ इसी के अधीन काम करती है। फिलहाल बंद माइंस में डी-वॉटरिंग चल रही है ।
कंपनी के अधिकारियों का कहना है कि नियम अनुसार काम किया जा रहा है।

