जामताड़ा समाहरणालय में फर्जी नियुक्ति पत्र के सहारे नौकरी ज्वाइन करने पहुंचे युवक को पुलिस ने लिया हिरासत में
राष्ट्र संवाद संवादाता
जामताड़ा। जामताड़ा समाहरणालय में फर्जी नियुक्ति पत्र के आधार पर नौकरी ज्वाइन करने पहुंचे एक युवक को जामताड़ा पुलिस ने हिरासत में लिया है। पुलिस इस मामले में युवक के साथ उसके ससुर से भी पूछताछ कर रही है। घटना के बाद समाहरणालय परिसर में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
पुलिस हिरासत में लिए गए युवक की पहचान गिरिडीह जिले के देवरी गांव निवासी रजाक अंसारी, पिता नूर मोहम्मद के रूप में हुई है। वहीं उसके साथ मौजूद ससुर अख्तर अंसारी को भी पुलिस ने हिरासत में लेकर जामताड़ा थाना में पूछताछ शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार, रजाक अंसारी अपने ससुर के साथ जामताड़ा समाहरणालय पहुंचा था। वह कथित तौर पर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर क्लर्क पद पर नौकरी ज्वाइन करने आया था। आरोपी युवक जामताड़ा उपायुक्त कार्यालय की गोपनीय शाखा में पहुंचकर अपना जॉइनिंग लेटर दिखाया। इसी दौरान संबंधित अधिकारियों को दस्तावेजों पर संदेह हुआ और जांच करने पर मामले का खुलासा हो गया।
कागजात की जांच के दौरान कई त्रुटियां और विसंगतियां सामने आने के बाद विभागीय अधिकारियों ने तुरंत इसकी सूचना जामताड़ा थाना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी सुनील कुमार सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और युवक सहित उसके ससुर को हिरासत में लेकर थाना ले गए।
पुलिस द्वारा प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि युवक के पास से बरामद अधिकांश दस्तावेज फर्जी प्रतीत हो रहे हैं। सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई है कि युवक द्वारा प्रस्तुत नियुक्ति पत्र में उपायुक्त जामताड़ा के फर्जी हस्ताक्षर और मोहर का भी इस्तेमाल किया गया था। इसके अलावा आधार कार्ड समेत अन्य दस्तावेजों में भी कई प्रकार की गड़बड़ियां पाई गई हैं।
पुलिस पूरे मामले की बारीकी से जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि फर्जी नियुक्ति पत्र और दस्तावेज तैयार करने के पीछे कौन लोग शामिल हैं। साथ ही इस फर्जीवाड़े के नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भी तलाश की जा रही है।
मामले को लेकर उपायुक्त आलोक कुमार ने कहा कि एक अभ्यर्थी फर्जी नियुक्ति प्रमाण पत्र के आधार पर ज्वाइनिंग के लिए समाहरणालय पहुंचा था। प्रथम दृष्टया मामला फर्जीवाड़े का प्रतीत हो रहा है। उन्होंने कहा कि इस मामले में पुलिस अधीक्षक को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं तथा प्रशासन अपने स्तर से विधि सम्मत कार्रवाई कर रहा है।

