Close Menu
Rashtra SamvadRashtra Samvad
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • होम
    • राष्ट्रीय
    • अन्तर्राष्ट्रीय
    • राज्यों से
      • झारखंड
      • बिहार
      • उत्तर प्रदेश
      • ओड़िशा
    • संपादकीय
      • मेहमान का पन्ना
      • साहित्य
      • खबरीलाल
    • खेल
    • वीडियो
    • ईपेपर
    Topics:
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Home » चांडिल डैम का बढ़ा जलस्तर, दर्जनों गांवों की रबी धान फसल बर्बाद
    झारखंड सरायकेला-खरसावां

    चांडिल डैम का बढ़ा जलस्तर, दर्जनों गांवों की रबी धान फसल बर्बाद

    Aman OjhaBy Aman OjhaMay 29, 2026No Comments2 Mins Read
    Share Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Share
    Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link

    डैम के पानी से किसानों की टूटी कमर, प्रति एकड़ 22 हजार तक नुकसान

     

     

    राष्ट्रसंवाद संवाददाता 

    चांडिल अनुमंडल क्षेत्र में लगातार दो दिनों से हो रही बारिश किसानों के लिए आफत बन गई है। बहुउद्देशीय परियोजना से बने चांडिल डैम का जलस्तर अचानक बढ़ने से आसपास के दर्जनों गांवों की रबी धान की फसल जलमग्न हो गई है। कटाई के लिए तैयार फसल खेतों में डूब जाने से किसानों के सामने भारी संकट खड़ा हो गया है।

    रसुनिया पंचायत के रुआनी टोला, पिलायडीह, हाथीनादा, रसुनिया, हेवन पंचायत, काशीपुर, कल्याणपुर, धातकीडीह, अंडा, हुटू, ओड़िया तथा गुंडा पंचायत के लावा, सीमा और गुंडा गांव के किसान सबसे अधिक प्रभावित हुए हैं। खेतों में पानी भरने से धान की फसल पूरी तरह बर्बाद होने की कगार पर पहुंच गई है।

    स्थानीय किसान जगन्नाथ मार्डी ने बताया कि सालभर की मेहनत पर पानी फिर गया। किसानों ने हाथियों के आतंक से किसी तरह फसल को बचाया था, लेकिन अब डैम का बढ़ता पानी उनकी उम्मीदें बहाकर ले गया।

    किसानों का कहना है कि प्रति एकड़ रबी धान की खेती में बीज, खाद, कीटनाशक, जुताई, रोपनी और कटाई सहित 20 से 22 हजार रुपये तक खर्च होता है। इस बार फसल तैयार होने के बावजूद कटाई से पहले ही खेतों में पानी घुस गया।

    ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि डैम प्रबंधन द्वारा बिना पूर्व सूचना के जलस्तर बढ़ा दिया गया। यदि समय रहते जानकारी दी जाती तो किसान अपनी फसल बचा सकते थे। प्रभावित किसानों ने जिला प्रशासन से मामले की जांच कराने और उचित मुआवजा देने की मांग की है।

    ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि चांडिल डैम का रेडियल गेट नहीं खोला गया और जलस्तर नियंत्रित नहीं किया गया तो किसान उग्र आंदोलन करने को मजबूर होंगे।

    Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Previous Articleजान हथेली पर रख रेलवे ट्रैक पार कर रहे ग्रामीण, कभी भी हो सकती है बड़ी दुर्घटना
    Next Article मजदूरों की सेहत से खिलवाड़! आदित्यपुर ESIC अस्पताल की बदहाल व्यवस्था पर INTUC का फूटा गुस्सा

    Related Posts

    विधायक के एस्कॉर्ट वाहन के पलटने से चार सुरक्षाकर्मी घायल

    September 23, 2026

    भाजपा ने राज्यों के प्रभारी और सह-प्रभारी नियुक्त किए

    September 23, 2026

    सीआईएसएफ ने फुलबासिया साइडिंग के समीप दो सौ टन अवैध कोयला जब्त, तस्करों में हड़कंप

    September 23, 2026

    Comments are closed.

    अभी-अभी

    दिनकर को याद करना आसान, दिनकर को आत्मसात करना कठिन

    *आज का भारत और कविवर दिनकर जी की कमी*

    विधायक के एस्कॉर्ट वाहन के पलटने से चार सुरक्षाकर्मी घायल

    भाजपा ने राज्यों के प्रभारी और सह-प्रभारी नियुक्त किए

    सीआईएसएफ ने फुलबासिया साइडिंग के समीप दो सौ टन अवैध कोयला जब्त, तस्करों में हड़कंप

    *UP में बृजेश के एनकाउंटर पर झारखंड में बौखलाए नक्सली, TSPC ने किया तीन दिनी बंद का घोषणा..!

    चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर अजय राय ने उठाए सवाल, वाराणसी चुनाव की जांच की मांग

    चुनाव आयोग के फैसलों पर प्रमोद तिवारी ने उठाए सवाल, निष्पक्ष जांच की मांग

    आयुर्वेद प्राचीन विरासत ही नहीं, स्वस्थ भविष्य की मजबूत आधारशिला: केशव प्रसाद मौर्य

    ‘शिक्षकों का सम्मान, शिक्षा का उत्थान’ विषयक सेमिनार 4 अक्टूबर को 

    Facebook X (Twitter) Telegram WhatsApp
    © 2026 News Samvad. Designed by Cryptonix Labs .

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.