Close Menu
Rashtra SamvadRashtra Samvad
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • होम
    • राष्ट्रीय
    • अन्तर्राष्ट्रीय
    • राज्यों से
      • झारखंड
      • बिहार
      • उत्तर प्रदेश
      • ओड़िशा
    • संपादकीय
      • मेहमान का पन्ना
      • साहित्य
      • खबरीलाल
    • खेल
    • वीडियो
    • ईपेपर
    Topics:
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Home » आजमगढ़ में संपन्न हुई भव्य काव्य गोष्ठी, साहित्यकारों ने सुनाई रचनाएं
    उत्तर प्रदेश खबरें राज्य से जमशेदपुर झारखंड मेहमान का पन्ना साहित्य

    आजमगढ़ में संपन्न हुई भव्य काव्य गोष्ठी, साहित्यकारों ने सुनाई रचनाएं

    Devanand SinghBy Devanand SinghJuly 14, 2026No Comments3 Mins Read
    Share Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    काव्य गोष्ठी
    Share
    Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link

    लेखक: राष्ट्र संवाद संवाददाता

    आजमगढ़: उत्तर प्रदेश साहित्य सभा, आजमगढ़ एवं शालिनी साहित्य सृजन के संयुक्त तत्वावधान में प्रतिभा निकेतन सभागार में काव्य गोष्ठी का आयोजन हुआ।

    कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण, दीप प्रज्ज्वलन एवं श्रीमती सपना बनर्जी की सरस्वती वंदना से हुआ। आयोजिका श्रीमती शालिनी राय ने अतिथियों व साहित्यकारों का स्वागत किया।

    मुख्य अतिथि डॉ. प्रवेश सिंह ने साहित्यिक संस्थाओं के प्रयासों की सराहना की, जबकि अध्यक्ष प्रो. प्रभुनाथ सिंह ‘मयंक’ ने साहित्य सृजन की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए रचनाकारों को निरंतर सृजन के लिए प्रेरित किया।

    काव्य गोष्ठी में जनपद के अनेक कवियों ने कविता पाठ कर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध किया। कार्यक्रम का संचालन राकेश पांडे ‘सागर’ ने किया तथा अंत में प्रो. ‘मयंक’ ने सभी रचनाकारों की प्रस्तुतियों की समीक्षा करते हुए अगले आयोजन तक गोष्ठी स्थगित करने की घोषणा की।

    काव्य गोष्ठी की प्रमुख झलकियां

    इस काव्य गोष्ठी ने आजमगढ़ की साहित्यिक विरासत को एक नया आयाम दिया। प्रतिभा निकेतन सभागार में उपस्थित श्रोता देर रात तक कविताओं की सरिता में डूबे रहे। कार्यक्रम में वरिष्ठ कवियों के साथ-साथ युवा रचनाकारों ने भी अपनी रचनाएं प्रस्तुत कीं, जिससे नई पीढ़ी को मंच मिला।

    मुख्य अतिथि डॉ. प्रवेश सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि साहित्य समाज का दर्पण होता है और ऐसी गोष्ठियां सामाजिक चेतना जागृत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। उन्होंने उत्तर प्रदेश साहित्य सभा के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि यह संस्था लगातार साहित्य के प्रचार-प्रसार में लगी हुई है।

    अध्यक्षीय उद्बोधन में प्रो. मयंक का मार्गदर्शन

    अध्यक्ष प्रो. प्रभुनाथ सिंह ‘मयंक’ ने अपने उद्बोधन में रचनाकारों से आह्वान किया कि वे सामाजिक सरोकारों से जुड़ी रचनाएं लिखें। उन्होंने कहा कि कविता केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि समाज को दिशा देने का सशक्त माध्यम है। प्रो. मयंक ने आयोजिका श्रीमती शालिनी राय के प्रयासों की भी भूरि-भूरि प्रशंसा की।

    कवियों ने बांधा समां, श्रोता हुए मंत्रमुग्ध

    गोष्ठी में राकेश पांडे ‘सागर’, श्रीमती सपना बनर्जी सहित जनपद के दो दर्जन से अधिक कवियों ने कविता पाठ किया। किसी ने श्रृंगार रस की कविताएं सुनाईं तो किसी ने वीर रस और करुण रस से श्रोताओं को भावविभोर कर दिया। हास्य-व्यंग्य के कवियों ने भी खूब तालियां बटोरीं।

    कार्यक्रम का संचालन कर रहे राकेश पांडे ‘सागर’ ने अपनी विशिष्ट शैली से मंच को बांधे रखा। बीच-बीच में उनके हास्य-व्यंग्य के दोहों ने माहौल को हल्का-फुल्का बनाए रखा।

    आयोजन की विशेषताएं और भविष्य की योजनाएं

    इस काव्य गोष्ठी की सबसे बड़ी विशेषता यह रही कि इसमें वरिष्ठ और युवा कवियों का अद्भुत संगम देखने को मिला। आयोजिका श्रीमती शालिनी राय ने बताया कि शालिनी साहित्य सृजन भविष्य में भी ऐसे आयोजन करता रहेगा। उन्होंने अगली गोष्ठी की तिथि शीघ्र घोषित करने की बात कही।

    उत्तर प्रदेश साहित्य सभा, आजमगढ़ इकाई के अध्यक्ष प्रो. मयंक ने कहा कि संस्था का प्रयास है कि साहित्य को जन-जन तक पहुंचाया जाए। इसके लिए ग्रामीण अंचलों में भी गोष्ठियों का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने आजमगढ़ की साहित्यिक परंपरा को समृद्ध करने पर जोर दिया।

    कार्यक्रम के अंत में सभी रचनाकारों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। उपस्थित साहित्यप्रेमियों ने आयोजन की भूरि-भूरि प्रशंसा की और ऐसे कार्यक्रम नियमित अंतराल पर होते रहने की कामना की।

    इस अवसर पर वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. रामनरेश सिंह, प्रो. शिवकुमार त्रिपाठी, श्रीकांत मिश्र सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम की सफलता में श्रीमती शालिनी राय की टीम का विशेष योगदान रहा।

    आजमगढ़ उत्तर प्रदेश साहित्य सभा काव्य गोष्ठी शालिनी साहित्य सृजन साहित्य
    Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Previous Articleगुड्स शेड ट्रक ओनर वेलफेयर एसोसिएशन ने मनाया 20वां स्थापना दिवस, एकजुटता की मिसाल
    Next Article राष्ट्र संवाद हेडलाइंस

    Related Posts

    राष्ट्र संवाद हेडलाइंस

    July 14, 2026

    गुड्स शेड ट्रक ओनर वेलफेयर एसोसिएशन ने मनाया 20वां स्थापना दिवस, एकजुटता की मिसाल

    July 14, 2026

    नालासोपारा के रीगल स्पा में सेक्स रैकेट का भंडाफोड़, 6 महिलाएं मुक्त

    July 14, 2026

    Comments are closed.

    अभी-अभी

    राष्ट्र संवाद हेडलाइंस

    आजमगढ़ में संपन्न हुई भव्य काव्य गोष्ठी, साहित्यकारों ने सुनाई रचनाएं

    गुड्स शेड ट्रक ओनर वेलफेयर एसोसिएशन ने मनाया 20वां स्थापना दिवस, एकजुटता की मिसाल

    चीन की चुनौती और बदलता एशियाई सुरक्षा संतुलन: ब्रह्मोस निर्यात से नया सामरिक समीकरण

    नालासोपारा के रीगल स्पा में सेक्स रैकेट का भंडाफोड़, 6 महिलाएं मुक्त

    क्या मानसून की पहली बारिश ही बहा देगी विकसित भारत का सपना? जानिए जमीनी हकीकत

    करंडीह फाटक के पास अवैध जुआ का अड्डा सक्रिय, प्रशासन से कार्रवाई की मांग

    बढ़ते अपराध और भाजपा कार्यकर्ताओं पर दर्ज मामलों को लेकर सांसद विद्युत वरण महतो ने एसएसपी को सौंपा ज्ञापन

    कांग्रेस की लोकसभा स्तरीय समीक्षा बैठक में संगठन मजबूती और एसआईआर में सक्रिय सहयोग पर जोर

    बिष्टुपुर राम मंदिर से इस्कॉन द्वारा आयोजित भगवान जगन्नाथ रथ यात्रा को लेकर रथ को अंतिम रूप देते कारीगर एवं आयोजन समिति के सदस्य।

    Facebook X (Twitter) Telegram WhatsApp
    © 2026 News Samvad. Designed by Cryptonix Labs .

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.