रेल यात्री संघर्ष समिति पूर्ववत सक्रिय रहेगी
ट्रेनों की लेटलतीफी पर निगरानी जारी रखने का फैसला, राजनीतिक दलों की उदासीनता पर अफसोस
राष्ट्र संवाद संवाददाता
जमशेदपुर। विधायक सरयू राय के आवासीय कार्यालय में गुरुवार को रेल यात्री संघर्ष समिति की समीक्षा बैठक आयोजित हुई। बैठक में ट्रेनों की लेटलतीफी के खिलाफ चलाए गए आंदोलन और दक्षिण पूर्व रेलवे के जीएम द्वारा प्रमुख मांगें स्वीकार किए जाने के बाद की स्थिति पर चर्चा की गई।
समिति ने निर्णय लिया कि आंदोलन समाप्त नहीं होगा और रेल यात्री संघर्ष समिति पूर्ववत सक्रिय रहकर यात्री ट्रेनों की समयबद्धता पर निगरानी रखेगी। रेलवे जीएम द्वारा मालगाड़ियों को प्राथमिकता नहीं देने के आश्वासन के क्रियान्वयन की भी समिति निगरानी करेगी।
बैठक में रेलवे द्वारा जनसंपर्क इंस्पेक्टर नियुक्त करने के फैसले का स्वागत करते हुए उसके कार्यों पर नजर रखने की बात कही गई। साथ ही जमशेदपुर में पिछले दस वर्षों में रेल आधारभूत संरचना के विकास की अनदेखी पर गंभीर सवाल उठाए गए।
समिति ने आंदोलन में सहयोग देने वाले सामाजिक, सांस्कृतिक, व्यावसायिक संगठनों एवं व्यक्तियों के प्रति आभार जताया। चैंबर ऑफ कॉमर्स और मारवाड़ी सम्मेलन को विशेष धन्यवाद दिया गया।
बैठक में इस बात पर अफसोस व्यक्त किया गया कि बार-बार आमंत्रण के बावजूद अधिकांश राजनीतिक दल आंदोलन से दूर रहे। केवल आजसू और जदयू के प्रतिनिधियों ने सक्रिय भागीदारी निभाई।
इस दौरान विधायक सरयू राय ने पश्चिम सिंहभूम की सांसद जोबा मांझी से दूरभाष पर बातचीत की। सांसद ने आंदोलन को समर्थन देते हुए रेल जीएम से वार्ता कर मांगों को लागू कराने का आश्वासन दिया।
बैठक में संघर्ष समिति के संयोजक शिव शंकर सिंह, आजसू जिला अध्यक्ष कन्हैया सिंह, जदयू जिला अध्यक्ष सुबोध श्रीवास्तव, महानगर अध्यक्ष अजय कुमार, युवा मोर्चा जिला अध्यक्ष नीरज सिंह सहित अन्य लोग उपस्थित थे।

