राष्ट्र संवाद संवाददाता
अमेरिका इजरायल ईरान युद्ध का असर अब दैनिक जीवन के सामानों के दामों।में महंगाई दिखने लगा हे।
युद्ध के कारण ईंधन के दाम में लगभग चार रुपए प्रति लीटर की बढ़ोतरी हो जाने से इसका सीधा असर लोगों के दैनिक जीवन में उपयोग आने वाली खाध्य तेलों में पढ़ने लगा है एक दिन के अंदर ही सरसों तेल के दाम में लगभग ₹10 प्रति लीटर की बढ़ोतरी हो चुकी है ।
जो सरसों तेल हाथी ब्रांड का दाम सोमवार को 162 रुपया प्रति लीटर था वह बढ़कर अब 172 रुपए प्रति लीटर हो चुकी है ।
लगभग ₹10 का थोक दाम में बढ़ोतरी हो गई है।
वहीं खुदरा दाम में 15 से 20 रुपए प्रति लीटर ऊंचे भाव में बाजार में सरसों तेल बिक रहा है।
वही रिफाइंड तेल के भाव में भी तेजी प्रारंभ हो चुकी है लगभग तीन से चार रुपया प्रति लीटर की बढ़ोतरी हो गई है महाकोष तेल जो ₹1500 प्रति लीटर पेटी बिक रहा था अब वह बढ़कर 1550 रुपए प्रति पेटी हो गया है पाम तेल के भाव में भी ₹50 पेटी की बढ़ोतरी हो चुकी है।
लगातार थोक विक्रेताओं के द्वारा पूर्ण प्रिंट का माल ही नए दाम में बढ़कर बेचा जा रहा है वही थोक विक्रेताओं के द्वारा मुनाफाखोरी को लेकर भारी मात्रा में तेल स्टॉक कर लिया गया हे अधिक स्टॉक करने के कारण बाजार में कृत्रिम अभाव कर दिया गया है ।
कृत्रिम अभाव से तेल ऊंचे गांव में बेचा जा रहा है।
खाध्य तेलों के दाम में बढ़ोतरी से मिलावटखोरो कि भी चांदी हो गई है मिलावट खोरो के द्वारा लगातार मिलावटी खाद तेल को ऊंचे भाव में बेचकर मुनाफा कमाया की जाता है ।
मिलावट खोरो के द्वारा बंगाल से मिलावटी तेल मंगा कर बाजार में बेचा जा रहा है जो स्वास्थ्य के लिए भारी हानिकारक है।
मिलावटी तेल शुद्ध तेल से लगभग 300 से ₹400 प्रति तीन 15 किलो कम दाम में होते हैं जिनमें कई तरह के केमिकल मिलाकर सरसों का तेल बना दिया जाता है जो स्वास्थ के लिए भारी हानिकारक होती है।
मिलावटी तेल के कारण शुद्ध तेलों के बिक्री में भी भारी कमी आ गई है जिससे सरकार को राजस्व की भारी हानि हो रही है।
घाटशिला अनुमंडल के घाटशिला ,गालूडीह, मुसाबनी, चाकुलिया ,बहरागोड़ा ,धालभूमगढ़ ,पोटका,हल्दीपुखर,क्षेत्र में थोक विक्रेताओं के द्वारा भारी मात्रा में नकली तेल मिलावटी तेल बेचा जा रहा है जो कि ग्रामीण क्षेत्र में अधिकतर बेचे जा रही है जिसमें जीएसटी के भी भारी चोरी की जाती है ।
बिना पक्का चालान का ही माल बेच दिया जाता है जिला प्रशासन के जांच पड़ताल नहीं करने से थोक विक्रेताओं का सरकारी को राजस्व की चोरी लगातार जारी हे।
पहले कई बार मिलावट खोरो के यहां प्रशासन के द्वारा छापेमारी भी की गई है लेकिन अब पूरी तरह से जिला प्रशासन इस मामले को लेकर सुस्त पड़ गई है जिसका लाभ मिलावट खोरो उठा रहे हैं।
घाटशिला अनुमंडल में लगभग रोजाना तीन करोड़ रूपया का खाद्य तेलों की विक्री थोक विक्रेताओं के द्वारा की जाती है।
वही खाद्य तेल के थोक विक्रेताओं का कहना है आने वाले समय लगभग 30 से ₹40 प्रति लीटर की और भी बढ़ोतरी हो जाएगी।
ईंधन तेल के बढ़ोतरी और डॉलर के मजबूत होने के कारण ही तेलों के दाम में बढ़ोतरी हो रही है।
खुदरा विक्रेता संघ के द्वारा जिला प्रशासन से यह मांग की गई है की कालाबाजारी के लिए स्टॉक किया गया थोक विक्रेताओं के यहां छापेमारी करने से और मिलावटी तेल बेचने वाले के यहां जांच पड़ताल करने से इसका असर पड़ेगा बाजार में और तेल के महंगाई में कुछ कमी आएगी और मिलावट खोरो में हड़कम मचेगा।
मिलावटी खाद तेल में विशेष कर टोपी ब्रांड का तेल, फ्यूचर ब्रांड का तेल ,काला घोड़ा का तेल ,डबल हाथी खाद तेल प्रमुख रूप से शामिल है।
यूसील के रिटायर डॉक्टर एस के बनर्जी का कहना है कि मिलावटी खाध्य तेल शरीर के लिए काफी हानिकारक है विशेष कर वह पेट संबंधी बीमारी और भी कई तरह की बीमारी के लिए जिम्मेवार होती है ।
मिलावटी तेल शरीर के लिए काफी खतरनाक है इसमें कई तरह के खतरनाक केमिकल होते हे।

