पूर्वी सिंहभूम में दूर होगी बालू की किल्लत, उपायुक्त ने किया दो बालू घाटों का संविद निष्पादन
राष्ट्र संवाद संवाददाता
जमशेदपुर : पूर्वी सिंहभूम जिले में लंबे समय से बनी बालू की समस्या अब जल्द दूर होने वाली है। राज्य सरकार द्वारा बालू घाटों की लीज प्रक्रिया को सरल बनाए जाने के बाद जिले में बालू घाटों के संचालन की दिशा में तेजी आई है। इसी क्रम में उपायुक्त श्री राजीव रंजन ने शनिवार को दो प्रमुख बालू घाटों के लिए संविद (एग्रीमेंट) का निष्पादन किया। इस अवसर पर जिला खनन पदाधिकारी तथा सफल बोलीदाता कंपनी एम/एस गोदावरी कमोडिटीज लिमिटेड के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
संविद निष्पादित बालू घाटों में कोरिया मोहनपाल बालू घाट (34.70 हेक्टेयर) तथा कोरिया मोहनपाल एवं स्वर्णरेखा बालू घाट (46.30 हेक्टेयर) शामिल हैं। इन घाटों के संचालन शुरू होने से जिले में बालू की नियमित और वैध आपूर्ति सुनिश्चित होगी।
पांच बालू घाटों की हुई थी ई-नीलामी
पूर्व में जिले के कुल पांच बालू घाटों की ई-नीलामी की गई थी। इसमें ग्रुप-ए के सफल बोलीदाता के रूप में एम/एस गोदावरी कमोडिटीज लिमिटेड तथा ग्रुप-बी के लिए एम/एस एस. जी. प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड का चयन किया गया था।
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार शेष तीन बालू घाटों के लिए आवश्यक वैधानिक प्रक्रियाएं जारी हैं और उनके भी जल्द संचालन शुरू होने की संभावना है।
आम लोगों को मिलेगा राहत
जिले में बालू घाटों के संचालन शुरू होने से आम लोगों को वैध तरीके से उचित दर पर आसानी से बालू उपलब्ध हो सकेगा। इसके साथ ही मकान निर्माण, सरकारी योजनाओं और अन्य विकास कार्यों में आ रही कठिनाइयां दूर होंगी। लंबे समय से बालू की कमी के कारण कई निर्माण कार्य प्रभावित हो रहे थे।
अवैध खनन पर लगेगी रोक
प्रशासन का मानना है कि अधिकृत बालू घाटों के संचालन से अवैध खनन और अवैध परिवहन पर प्रभावी रोक लगेगी। इससे सरकार को राजस्व प्राप्त होगा और खनन गतिविधियों में पारदर्शिता भी सुनिश्चित होगी।
उपायुक्त श्री राजीव रंजन ने कहा कि जिले में बालू की उपलब्धता सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिकता है, ताकि आम नागरिकों, ठेकेदारों और निर्माण एजेंसियों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। बालू घाटों के शीघ्र संचालन से जिले के विकास कार्यों को नई गति मिलेगी।

