ई-फार्मेसी के विरोध में 20 मई को देशव्यापी बंद, जमशेदपुर के दवा विक्रेता भी रहेंगे शामिल
राष्ट्र संवाद संवाददाता
जमशेदपुर। दवा विक्रेताओं के अस्तित्व और जनस्वास्थ्य से जुड़े गंभीर मुद्दों को लेकर ऑल इंडिया ऑर्गेनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स (AIOCD) ने 20 मई 2026 को एक दिवसीय राष्ट्रव्यापी बंद का आह्वान किया है। इस बंद में देशभर के लगभग 12.40 लाख केमिस्ट और दवा वितरक शामिल होंगे। जमशेदपुर के दवा विक्रेता भी इस आंदोलन में भाग लेंगे।
जमशेदपुर केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष पंकज छाबड़ा और महासचिव आशीष चटर्जी ने बताया कि संगठन ने इस संबंध में प्रधानमंत्री, गृह मंत्री, स्वास्थ्य मंत्रालय, औषधि विभाग तथा ड्रग्स कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (DCGI) को कई ज्ञापन भेजे, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
AIOCD के अध्यक्ष जे. एस. शिंदे और महासचिव राजीव सिंघल ने कहा कि सरकार का ध्यान इस गंभीर समस्या की ओर आकर्षित करने के लिए राष्ट्रव्यापी बंद का निर्णय लिया गया है।
संगठन की सबसे प्रमुख मांग अवैध ई-फार्मेसी संचालन पर रोक लगाने और 28 अगस्त 2018 की अधिसूचना G.S.R. 817(E) को वापस लेने की है। AIOCD का आरोप है कि कई ई-फार्मेसी प्लेटफॉर्म पर्याप्त सत्यापन के बिना दवाओं की बिक्री कर रहे हैं। इससे एक ही डॉक्टर के पर्चे का कई बार उपयोग हो रहा है और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित फर्जी प्रिस्क्रिप्शन के जरिए एंटीबायोटिक्स तथा नशीली दवाओं की अनियंत्रित बिक्री बढ़ रही है।
संगठन ने चेतावनी दी है कि इस प्रवृत्ति से एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस (AMR) जैसी गंभीर स्वास्थ्य समस्या का खतरा तेजी से बढ़ रहा है, जो जनस्वास्थ्य के लिए बड़ा संकट बन सकता है।

