राष्ट्र संवाद संवाददाता मृत्युंजय बर्मन
गम्हरिया स्थित टाटा स्टील ग्रोथ शॉप में कार्यरत एक आदिवासी विधवा महिला कर्मी को काम से हटाए जाने के मामले ने आज बड़ा रूप ले लिया। झामुमो नेता भोमरा माझी के नेतृत्व में हुए विरोध प्रदर्शन और करीब चार घंटे तक चले आंदोलन के बाद आखिरकार महिला कर्मी पायमली हेंब्रम को पुनः काम पर रखा गया।
जानकारी के अनुसार, पायमली हेंब्रम पिछले 11 वर्षों से विभिन्न वेंडरों के अंतर्गत हाउसकीपिंग कार्य कर अपने परिवार का भरण-पोषण कर रही हैं। वर्तमान में वह यूनाइटेड हैंडलिंग कॉर्पोरेशन वेंडर के तहत टाटा स्टील ग्रोथ शॉप, गम्हरिया में कार्यरत थीं। पायमली हेंब्रम ने आरोप लगाया कि वेंडर के सुपरवाइजर द्वारा उन्हें लगातार मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था तथा उनके खिलाफ भ्रामक शिकायतें प्रबंधन तक पहुंचाई जा रही थीं। इसके बाद उन्हें कार्य से हटा दिया गया था।
मामले को लेकर झामुमो प्रखंड अध्यक्ष भोमरा माझी ने टीजीएस के हेड एचआर को लिखित शिकायत पत्र सौंपते हुए कड़ी आपत्ति जताई थी। पत्र में कहा गया था कि एक आदिवासी विधवा महिला को मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रोजगार से वंचित करना केवल श्रम अधिकारों का उल्लंघन नहीं बल्कि सामाजिक न्याय एवं संवैधानिक मूल्यों पर भी आघात है। उन्होंने मांग की थी कि पायमली हेंब्रम को तत्काल प्रभाव से पुनः कार्य पर रखा जाए तथा मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की जाए।
शिकायत के बावजूद जब वेंडर प्रबंधन द्वारा कोई सकारात्मक कदम नहीं उठाया गया, तब आज सुबह करीब 6 बजे भोमरा माझी अपने समर्थकों के साथ टीजीएस गेट पर धरने पर बैठ गए। आंदोलनकारियों ने वैंडर के सभी लेबर और सुपरवाइजरों को गेट पर रोकते हुए महिला कर्मी को पुनः बहाल करने की मांग की। करीब चार घंटे तक चले विरोध प्रदर्शन और वार्ता के बाद मामला सुलझा।
बताया गया कि वैंडर के मालिक प्रीतम सिंह ने अपने स्टाफ को पायमली हेंब्रम को घर से बुलाकर लाने का निर्देश दिया। इसके बाद महिला कर्मी को गेट पास जारी कर पुनः काम पर रख लिया गया। समाधान होने के बाद सुबह लगभग 11:15 बजे सभी कर्मचारी गेट के अंदर प्रवेश कर कार्य पर लौटे।
आंदोलन में उदय मार्डी, गोम्हा हांसदा, ओरगा हांसदा, बाबलू मार्डी, रामधन हेंब्रम, शंकर मुखी, सरिज मुखर्जी, भूतनाथ, चैतन मुर्मू, कोंडा बेसरा सहित कई समर्थक उपस्थित थे।

