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    Home » वन विभाग की चुप्पी पर उठे सवाल, राखा और मानगो वन क्षेत्र में तेजी से बढ़ रहा है अवैध कब्जा
    झारखंड सरायकेला-खरसावां

    वन विभाग की चुप्पी पर उठे सवाल, राखा और मानगो वन क्षेत्र में तेजी से बढ़ रहा है अवैध कब्जा

    Aman OjhaBy Aman OjhaMay 11, 2026No Comments2 Mins Read
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    राष्ट्र संवाद संवाददाता

     

    राखा वन क्षेत्र एवं मानगो वन क्षेत्र में वन माफियाओं के लिए लगातार सुरक्षित जोन बनता जा रहा है ।

    राखा माइन्स के फलाई ओवर के सामने वन विभाग के जमीन पर कई लोगों के द्वारा अवैध कब्जा कर मकान बना लिया गया है और वन विभाग के जमीन पर अवैध कब्जा लगातार जारी है ।

    वन विभाग की जानकारी होने के बावजूद भी इस मामले को लेकर वन विभाग पूरी तरह से मौन है।

    दोनों ही वन क्षेत्र में वन कटाई का कारोबार माफिया के द्वारा लगातार किया जा रहा है कई पेड़ काट दिए गए हैं जिसको लेकर भी सामाजिक कार्यकर्ताओं के द्वारा इसकी शिकायत जिला के उपायुक्त से की गई है ।

    आसान बनी क्षेत्र के कानी कोला जंगल में भी वन माफियाओं के द्वारा लगातार पेड़ काटकर जमशेदपुर के लकड़ी टाल और आसपास के ईट भट्ठा में भेज दिया जा रहा है ।

    रसोई गैस की किल्लत होने के कारण लकड़ी माफियाओं की चांदी हो चुकी है लोग जलावन के लिए भी इनसे लकड़ी खरीद रहे हैं।

    जिसमें वन विभाग के अधिकारियों की पूरीमानगो वन क्षेत्र/राखा वन क्षेत्र में वन भूमि पर अवैध कब्जा और पेड़ों की कटाई गंभीर अपराध है। इसमें ये मुख्य कानून लागू होते हैं:

    1. *भारतीय वन अधिनियम, 1927*

    – *धारा 26*: आरक्षित वन में बिना अनुमति पेड़ काटना, जमीन जोतना, घर बनाना, चराई करना मना है

    – *सजा*: 6 महीने तक जेल या ₹500 जुर्माना या दोनों। काटे गए पेड़ + औजार जब्त

     

    2. *वन संरक्षण अधिनियम, 1980*

    – बिना केंद्र सरकार की मंजूरी के वन भूमि को गैर-वनीय काम के लिए इस्तेमाल नहीं कर सकते

    – अवैध कब्जा = “गैर-वनीय उपयोग” माना जायेगा।

    4. *झारखंड के खास नियम*

    – *झारखंड वन अधिनियम*: पेड़ काटने पर ₹10,000 तक जुर्माना + जेल

    – *CNT/SPT Act*: आदिवासी जमीन पर गैर-आदिवासी का कब्जा अवैध। उपायुक्त तुरंत बेदखल कर सकते हैं।

    आसान मनी क्षेत्र में कई माफियाओं के द्वारा वन भूमि में घर भी बना लिया गया है।

    लगातार पेड़ कटाई से पर्यावरण को भारी नुकसान हो रही है।

    इस मामले में वन रक्षी रामजीत मुर्मू का कहना है कि अवैध कब्जा करने वालों को नोटिस दिया गया हे।

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