राष्ट्र संवाद संवाददाता
यूसिआईएल प्रबंधन पर सुरक्षा मानकों की अनदेखी, उत्पादन में गिरावट और औद्योगिक अशांति फैलाने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। यह शिकायत आरटीआई कार्यकर्ता सुनील मुर्मू द्वारा भारत सरकार के परमाणु ऊर्जा विभाग के सचिव को लिखित पत्र भेजकर की गई है। शिकायत की प्रतिलिपि केंद्रीय सतर्कता आयोग , नई दिल्ली को भी भेजी गई है।
अपने शिकायत पत्र में सुनील मुर्मू ने आरोप लगाया है कि यूसीआईएल के वर्तमान प्रबंधन, विशेष रूप से सीएमडी और पी एंड आईआर विभाग के डीजीएम राकेश कुमार की कार्यशैली के कारण संस्थान में गंभीर समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं। उन्होंने कहा कि सुरक्षा प्रोटोकॉल और मानकों की लगातार अनदेखी की जा रही है, जिससे खदानों और संबंधित कार्यों में लगे श्रमिकों की जान जोखिम में पड़ रही है। शिकायत में कहा गया है कि सुरक्षा उपकरणों की कमी और ऑडिट रिपोर्टों की अनदेखी भविष्य में किसी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। पत्र में माइंस एंड कम्युनिटीज जैसी रिपोर्टों का भी उल्लेख किया गया है, जिनमें पहले भी सुरक्षा संबंधी खतरों की ओर संकेत किया गया था।आरटीआई कार्यकर्ता सुनील मुर्मू ने अपने पत्र में यह भी आरोप लगाया है कि गलत प्रबंधन और संसाधनों के अनुचित आवंटन के कारण उत्पादन लक्ष्य लगातार प्रभावित हो रहे हैं। उनका कहना है कि प्रबंधन स्तर पर लिए गए फैसलों का सीधा असर कंपनी की उत्पादकता पर पड़ रहा है। इसके अलावा, शिकायत में औद्योगिक अशांति का मुद्दा भी उठाया गया है। आरोप है कि कर्मचारियों और प्रबंधन के बीच संवाद की कमी, कर्मचारियों के हितों की अनदेखी तथा विभागीय विवादों के कारण संस्थान में असंतोष का माहौल बना हुआ है। पत्र में यह भी कहा गया है कि विरोध करने वाले कर्मचारियों पर दबाव बनाने और सूचनाओं को साझा करने से रोकने जैसी कोशिशें की जा रही हैं।
सुनील मुर्मू ने परमाणु ऊर्जा विभाग से पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। साथ ही जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय कर कार्रवाई करने का आग्रह किया है, ताकि देश के इस महत्वपूर्ण सार्वजनिक उपक्रम को संभावित नुकसान से बचाया जा सके। यह शिकायत सामने आने के बाद यूसीआईएल प्रबंधन और कार्यशैली को लेकर क्षेत्र में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। हालांकि, इस मामले में यूसीआईएल के डीजीएम पर्सनल राकेश कुमार का कहना है कि डिपार्मेंट आफ एटॉमिक एनर्जी एवं यूसिल प्रबंधन की दिशा निर्देश के अनुसार ही कंपनी चल रही हे।

