13 वर्षों से मठिया की पहचान बनी गाय के गायब होने से श्रद्धालुओं में आक्रोश
इलाके में मवेशी तस्करी पर फिर उठे सवाल ?
राष्ट्र संवाद, संवाददाता
चांडिल थाना क्षेत्र के साधु बांध मठिया से “गंगा” नामक प्रसिद्ध गाय के अचानक लापता हो जाने से इलाके में सनसनी फैल गई है। मठिया के महंत इंद्रानंद सरस्वती ने सोमवार को चांडिल थाना प्रभारी दिलशान बिरुवा को लिखित शिकायत सौंपकर गाय की बरामदगी की मांग की है।
महंत ने बताया कि 13 वर्ष पुरानी गाय “गंगा” बीते 5 मई 2026 को रोज की तरह चरने निकली थी, लेकिन देर शाम तक वापस नहीं लौटी। इसके बाद आसपास के गांवों और जंगल क्षेत्रों में काफी खोजबीन की गई, मगर उसका कोई सुराग नहीं मिला।
*महंत इंद्रानंद सरस्वती* ने बताया कि गाय का रंग सामान्यतः सफेद है, लेकिन गर्भवती होने पर उसके शरीर का रंग काला पड़ जाता था, जो उसकी सबसे बड़ी पहचान है। “गंगा” अब तक 13 बछड़ों को जन्म दे चुकी है और मठिया के श्रद्धालुओं के बीच विशेष आस्था का केंद्र रही है। गाय के गायब होने से साधु बांध मठिया सहित श्रद्धालुओं में मायूसी का माहौल है।
एक पखवाड़े पहले भी हुई थी दुधारू गाय चोरी
गौरतलब है कि करीब एक पखवाड़े पूर्व चांडिल ठाकुरबाड़ी स्थित घटाल से भी दुधारू गाय चोरी की घटना सामने आई थी। ईचगढ़ में प्रशांत रजवार के घर से रविवार की रात्रि बैल चोरी करते करते रंगे हाथ कपाली ओपी थाना निवासी मो फैज को ग्रामीणों ने पकड़ कर पुलिस के हवाले कर दिया. लगातार हो रही मवेशियों की चोरी की घटनाओं ने स्थानीय लोगों और गौ-पालकों की चिंता बढ़ा दी है।
कपाली क्षेत्र के बूचड़खानों पर उठे सवाल
स्थानीय लोगों का आरोप है कि कपाली ओपी क्षेत्र में प्रतिबंधित मवेशियों के दो दर्जन से अधिक अवैध बूचड़खाने संचालित हो रहे हैं। हाल ही में ग्रामीणों ने प्रतिबंधित मवेशियों से भरे वाहन को पकड़कर पुलिस के हवाले किया था, लेकिन तस्करों तक पुलिस नहीं पहुंच सकी।

