राष्ट्र संवाद संवाददाता
पोटका के खड़िया साई में 11 करोड़ रुपए ही की लागत से बने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के (सीएचसी) की निर्माण गुणवत्ता की पोल के पहली ही आंधी-तूफान ने खोल कर रख बदा दी। 27 मार्च की देर रात आई तेज आंधी में ख अस्पताल की छत पर तड़ित चालक के कर लिए लगाया गया पिलर गिर गया, जबकि की कई स्थानों पर फॉल्स सीलिंग टूटकर नीचे न्द आ गई। घटना के समय अस्पताल में 22 मरीज, जिनमें 12 बच्चे कुपोषण निवारण केंद्र में भर्ती थे। राहत की बात यह रही कि किसी को चोट नहीं लगी। यह सीएचसी भवन झारखंड राज्य भवन निर्माण निगम लिमिटेड की देखरेख में 11 करोड़ रुपए की लागत से बनाया गया है। निर्माण कार्य रांची की ठेका कंपनी आरएस अग्रवाल कंस्ट्रक्शन को सौंपा गया था। स्थानीय लोगों के अनुसार, निर्माण शुरू होने के साथ ही इसकी गुणवत्ता पर सवाल उठने लगे थे। भवन में कई बार दरारें आईं, छत में क्रैक भी देखा गया ग्रामीणों का आरोप है कि दरार वाले हिस्सों की केवल लीपा-पोती कर दी गई। विवादों के बीच निर्माण कार्य पूरा कर जनवरी 2026 से नए भवन में सीएचसी का संचालन शुरू कर दिया गया। हालांकि, भवन का औपचारिक उद्घाटन अब तक नहीं हुआ है।
सीएचसी की गिरी फॉल्स सीलिंग।
विभागीय रिकॉर्ड में योजना अब भी चालू
झारखंड राज्य भवन निर्माण निगम लिमिटेड के रिकॉर्ड में यह योजना अब भी बंद नहीं हुई है। विभागीय अभियंताओं को निर्माण गुणवत्ता पर पहले से संदेह था, इसलिए पूरी राशि का भुगतान नहीं किया गया। कुल 11 करोड़ की परियोजना में से ठेकेदार को अब तक 6.50 करोड़ रुपए का ही भुगतान हुआ है। शेष 4.50 करोड़ रुपए लंबित है। इसके साथ टेंडर के लिए जमा 55 लाख रुपए की सुरक्षा राशि भी वापस नहीं की गई है। विभाग अब इस राशि को जब्त करने और बकाया भुगतान रोकने की तैयारी में है।
ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि निर्माण के समय से भी कहीं काफी घटिया काम हुआ है वहीं इसके लिए दोस्ती के और अधिकारियों की गिरफ्तारी होनी चाहिए सरकारी पैसा का दुरुपयोग किया गया है।
जे एल के एम के जिला उपाध्यक्ष बिमल महतो और जिला सचिव शंकर भकत,प्रखंड अध्यक्ष बुद्धिनाथ मुर्मू,पूर्व प्रत्याशी बिलटू हंसदा के साथ टीम निरीक्षण के द्वारा भवन का निरीक्षण किया गया उन्होंने आरोप लगायाकी। इस में निम्न कोटि के ईंटो और सीमेंट का उपयोग मुख्य कारण नजर आया। इस भवन में बड़ी दुर्घटना होने की संभावना जताई जा रही है जो कि बहुत ही चिंताजनक है । वर्तमान क्षेत्र के विधायक इस पर चुप्पी साधे हुए हैं जल्द ही इस भवन का उच्च स्तरीय जांच एवं पुनः निर्माण करने पर विचार करना चाहिए।
JLKM पोटका की टीम जल्द ही इसको लेकर राज्यपाल और मुख्यमंत्री से मिलेंगे ।
उन्होंने कहा कि इस मामले में दोषी अधिकारियों की गिरफ्तारी के लिए धरना प्रदर्शन किया जाएगा ठेकेदार को भी गिरफ्तार किया जाना चाहिए जिसके द्वारा लोगों के जीवन से खिलवाड़ किया गया है ।

