लुआबासा स्थित जर्जर पुल बना खतरा, जांच और मरम्मत की उठी मांग
राष्ट्र संवाद संवाददाता
जमशेदपुर के लुआबासा क्षेत्र में स्वर्णरेखा नदी पर बना पुल इन दिनों जर्जर हालत में पहुंच चुका है, जिससे स्थानीय लोगों और राहगीरों की चिंता बढ़ गई है। इस संबंध में आरटीआई एक्टिविस्ट एवं व्हिसल ब्लोअर अंकित आनंद द्वारा प्रशासन को शिकायत भेजकर पुल की तत्काल जांच, मरम्मत और जनसुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की गई है।
शिकायत में बताया गया है कि छोटा गोविंदपुर के अन्ना चौक को एनएच-33 से जोड़ने के लिए वर्ष 2016 में लगभग 11 करोड़ रुपये की लागत से इस पुल का निर्माण कराया गया था। लेकिन महज 9 वर्षों में ही पुल की स्थिति अत्यंत खराब हो गई है, जो निर्माण की गुणवत्ता और रखरखाव पर सवाल खड़े करती है।
वर्तमान में पुल पर कई जगह बड़े-बड़े गड्ढे हो चुके हैं, लोहे की सरिया बाहर निकल आई है और पैदल यात्रियों के लिए बना फुटपाथ भी क्षतिग्रस्त हो चुका है। रात के समय प्रकाश व्यवस्था के अभाव में दुर्घटनाओं का खतरा और बढ़ जाता है। स्थानीय लोगों के अनुसार भारी वाहनों के गुजरने पर पुल में कंपन महसूस होता है, जो किसी बड़े हादसे की आशंका को जन्म देता है।
शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि समानांतर एक फोरलेन पुल का निर्माण कार्य जारी है, लेकिन इसके पूरा होने में अभी 2 से 3 वर्ष का समय लग सकता है। ऐसे में वर्तमान जर्जर पुल पर निर्भरता लोगों के लिए जोखिम भरी साबित हो रही है।
प्रशासन से मांग की गई है कि पुल का उच्च स्तरीय भौतिक निरीक्षण कराया जाए, शीघ्र मरम्मत कार्य शुरू किया जाए, भारी वाहनों के आवागमन पर नियंत्रण लगाया जाए, पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था की जाए तथा निर्माण एजेंसी और जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की जांच कर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
स्थानीय जनता ने प्रशासन से इस गंभीर समस्या पर त्वरित और प्रभावी कदम उठाने की अपील की है, ताकि किसी संभावित हादसे से पहले ही स्थिति को नियंत्रित किया जा सके।

