राष्ट्र संवाद संवाददाता
चांडिल : चांडिल प्रखंड अंतर्गत ऑल अनोल अलोआ, वाकुल रामगढ़ में रविवार को भुमिज भाषा वार्षिक परीक्षा 2026 का सफल आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम टाटा स्टील फाउंडेशन के जनजातीय भाषा साक्षरता कार्यक्रम तथा आयोन आखड़ा तिरिलडीह के संयुक्त तत्वावधान में सम्पन्न हुआ।
परीक्षा के दौरान निरीक्षण के लिए भुमिज समाज के कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। इस अवसर पर क्षेत्र में शिक्षा और भाषा संरक्षण को लेकर सकारात्मक माहौल देखने को मिला।
इधर, झारखंड अधिविद्य परिषद की ओर से आयोजित शिक्षक पात्रता परीक्षा (JTET) 2026 में जनजातीय भुमिज भाषा को पुनः शामिल किए जाने से समाज में खुशी की लहर है। झारखंड सरकार के स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग (प्राथमिक शिक्षा निदेशालय) द्वारा पूर्वी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां और रांची जिले के लिए अधिसूचना जारी कर दी गई है।
भुमिज भाषा को पुनः शामिल कराने में पोटका विधायक संजीव सरदार की महत्वपूर्ण भूमिका रही। इस पहल के लिए पूरे भुमिज समाज ने विधायक संजीव सरदार, झारखंड के मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन तथा राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार के प्रति आभार व्यक्त किया है।
ज्ञात हो कि JTET 2012 और 2016 के बाद भुमिज भाषा को परीक्षा से हटा दिया गया था। हाल ही में विधानसभा सत्र के दौरान विधायक संजीव सरदार ने इस मुद्दे को जोरदार तरीके से उठाया, जिसके बाद विभागीय स्तर पर संज्ञान लेते हुए इसे पुनः शामिल किया गया।
इस निर्णय से पूरे भुमिज समाज में उत्साह और खुशी का माहौल है। कार्यक्रम में सामाजिक कार्यकर्ता रविन्द्र नाथ सिंह, राधेश्याम सिंह, सुशेन सिंह, रविन्द्र सरदार, गंके सुमन देव सरदार, विशंभर सिंह, अजय सिंह, आशा सिंह, चंद्रकना सिंह, दीपाली सिंह, इशारानी सिंह सहित कई छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

