राष्ट्र संवाद संवाददाता
गणगौर एक महत्वपूर्ण त्योहार है जो मारवाड़ी समाज में बहुत उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया जाता है। यह त्योहार भगवान शिव और पार्वती की पूजा के लिए समर्पित है, जो वैवाहिक जीवन में सुख और समृद्धि का प्रतीक है।
जादूगोड़ा में सुहागन महिलाओं के द्वारा धूमधाम से गणगौर का त्यौहार मनाया गया।
मारवाड़ी समाज में गणगौर का त्योहार होली के दूसरे दिन से शुरू होता है और 16 दिनों तक चलता है। इस दौरान, महिलाएं और युवतियां भगवान शिव और पार्वती की पूजा करती हैं, और उनके लिए विशेष भोग और प्रसाद तैयार करती हैं ⁴।
गणगौर के दौरान, महिलाएं पारंपरिक वेशभूषा में सजती हैं और भगवान शिव और पार्वती के गीत गाती हैं। वे अपने पति की लंबी उम्र और सुखी जीवन के लिए प्रार्थना करती हैं, जबकि अविवाहित युवतियां अच्छे पति की कामना करती हैं।
गणगौर का त्योहार राजस्थान की सांस्कृतिक धरोहर का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, और इसे पूरे राज्य में बहुत उत्साह के साथ मनाया जाता है।
जादूगोड़ा में शनिवार के दिन गणगौर का विसर्जन भी शिव मंदिर स्थित नदी में की गई जहां भारी संख्या में सुहागिन महिला शामिल हुई विशेष कर इसमें नेहा अग्रवाल ,प्रिया अग्रवाल, ज्योति लोधा,सीमा अग्रवाल,लता अग्रवाल, शीतल कांवटिया,मंजू कांवटिया,संतोषी लोधा सहित कई सदस्य शामिल थे।

