राष्ट्र संवाद संवाददाता
जादूगोड़ा:तुरामडीह यूरेनियम प्रोजेक्ट प्रबंधन की ओर से महिलाओं के बीच स्वास्थ्य जागरूकता अभियान चलाया गया। कार्मिक अधिकारी स्टेलिन हेंब्रम की अगुवाई में मंगलवार को तुरामडीह क्लब भवन में आयोजित इस कार्यशाला में आसपास के विस्थापित एवं प्रभावित गांवों—तालसा, केरूआ डुगरी, नांदूप और तुरामडीह की बड़ी संख्या में महिलाओं ने भाग लिया।
कार्यक्रम का उद्घाटन यूसिल तुरामडीह माइंस की मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी सह मुख्य अतिथि डॉ. बबीता साव, डॉ. स्वेता कुमारी और अस्पताल की नर्स संजुक्ता कुमारी ने दीप प्रज्वलित कर किया।
कार्यशाला को संबोधित करते हुए डॉ. बबीता साव ने कहा कि “परिवार स्वस्थ रहेगा तो समाज और देश भी स्वस्थ रहेगा।” उन्होंने जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों, बच्चों के टीकाकरण के महत्व और महिलाओं के विभिन्न जीवन चरणों में आवश्यक पोषण के बारे में विस्तार से जानकारी दी। साथ ही “चीनी कम, जीवन में दम” का संदेश भी दिया।
डॉ. स्वेता कुमारी ने कहा कि स्वास्थ्य संबंधी जानकारी के अभाव में महिलाएं संक्रमण का शिकार हो जाती हैं और समय पर उपचार नहीं करा पातीं। उन्होंने जागरूकता को स्वस्थ समाज की कुंजी बताया। वहीं, नर्स संजुक्ता कुमारी ने महिलाओं को टीकाकरण के महत्व और उससे जुड़ी जरूरी जानकारी दी।
कार्यशाला के दौरान महिलाओं ने अपने अनुभव भी साझा किए। गांव की गुड़िया सवैया ने यूसिल प्रबंधन की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के अभियान से बीमारियों से बचाव की जानकारी मिलती है और परिवार व समाज को स्वस्थ रखने में मदद मिलती है।
कार्यक्रम को सफल बनाने में यूसिल के कार्मिक अधिकारी स्टेलिन हेंब्रम, अरुण नायक, राजेश चौरसिया, वकील हेंब्रम और डॉ. सुमित महानंदा सहित अन्य अधिकारियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

