राष्ट्र संवाद संवाददाता
जादूगोड़ा:यूसील प्रबंधन की कार्यशैली को लेकर ठेका सफाई कर्मियों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। एक ओर मुख्य सड़कों और कॉलोनियों में गंदगी का अंबार लगा हुआ है, वहीं दूसरी ओर टेंडर हो जाने के बावजूद ठेका कंपनी को अब तक वर्क ऑर्डर नहीं दिया गया है।
बताया जा रहा है कि वर्क ऑर्डर नहीं मिलने के कारण यूसील के संपदा विभाग और माइंस के सफाई कर्मियों को बाहरी क्षेत्रों में सफाई कार्य के लिए भेजा जा रहा है, जिससे ठेका मजदूरों में आक्रोश बढ़ गया है। मजदूरों का कहना है कि बाहरी क्षेत्र में काम के दौरान अगर कोई दुर्घटना होती है, तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा।
सफाई कर्मियों ने आरोप लगाया है कि उन्हें काम के दौरान जरूरी सुरक्षा उपकरण भी उपलब्ध नहीं कराए जा रहे हैं। न तो दस्ताने दिए जा रहे हैं और न ही जूते, जिसके कारण कई बार कांच आदि से घायल होने की घटनाएं हो चुकी हैं।
सफाई कर्मी पकलू बेलदार ने बताया कि उन्हें अब तक ईएल (अर्जित अवकाश) की राशि भी नहीं मिली है। इस संबंध में यूसील अधिकारियों राकेश कुमार और गिरीश गुप्ता से शिकायत की गई, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। उन्होंने कहा कि वे पिछले 20 वर्षों से सफाई का कार्य कर रहे हैं, लेकिन न वेतन में बढ़ोतरी हुई और न ही स्थायीकरण किया गया।
मजदूरों का आरोप है कि उनके साथ अमानवीय व्यवहार किया जा रहा है और सुरक्षा के साथ खिलवाड़ हो रहा है। साथ ही किसी प्रकार की मेडिकल सुविधा भी उपलब्ध नहीं कराई जा रही है।
मजदूरों ने चेतावनी दी है कि यदि यूसील प्रबंधन ने जल्द इस दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए, तो वे जोरदार आंदोलन करने को बाध्य होंगे।
इधर, क्षेत्र में सफाई व्यवस्था चरमराने से यूसील कॉलोनी और आसपास के इलाकों में गंदगी फैल गई है, जिससे दुर्गंध और बीमारियों का खतरा बढ़ रहा है। स्थानीय लोगों में भी इसे लेकर भारी नाराजगी है।
नाराजगी जताने वालों में राजू मुखी, पकलू बेलदार, विष्णु मुखी, बुद्धेश्वर मुखी, कृष्ण मुखी और शिवचरण मुखी समेत कई सफाई कर्मी शामिल हैं।

