Close Menu
Rashtra SamvadRashtra Samvad
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • होम
    • राष्ट्रीय
    • अन्तर्राष्ट्रीय
    • राज्यों से
      • झारखंड
      • बिहार
      • उत्तर प्रदेश
      • ओड़िशा
    • संपादकीय
      • मेहमान का पन्ना
      • साहित्य
      • खबरीलाल
    • खेल
    • वीडियो
    • ईपेपर
    Topics:
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Home » कालूपहाड़ी बजरंगबली मंदिर में श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़, राधेकृपा साक्षी ने सुनाए प्रेरक प्रसंग
    Breaking News जामताड़ा झारखंड

    कालूपहाड़ी बजरंगबली मंदिर में श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़, राधेकृपा साक्षी ने सुनाए प्रेरक प्रसंग

    Nizam KhanBy Nizam KhanMarch 16, 2026No Comments3 Mins Read
    Share Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Share
    Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link

    कालूपहाड़ी बजरंगबली मंदिर में श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़, राधेकृपा साक्षी ने सुनाए प्रेरक प्रसंग

    फतेहपुर
    फतेहपुर प्रखंड के खामारबाद पंचायत अंतर्गत कालूपहाड़ी गांव में स्थित कालूपहाड़ी बजरंगबली मंदिर परिसर में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत महापुराण कथा के चौथे दिन श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। मंदिर परिसर भक्ति, श्रद्धा और आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर हो गया। आसपास के गांवों सहित दूर-दूर से आए श्रद्धालु पूरे मनोयोग के साथ कथा का श्रवण कर धर्मलाभ प्राप्त कर रहे थे। कथा के दौरान भजन-कीर्तन और भगवान के जयघोष से पूरा परिसर भक्तिमय बना रहा। राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं प्रसिद्ध कथावाचिका राधेकृपा साक्षी ने जड़ भरत, अजामिल, प्रह्लाद, गजेन्द्र मोक्ष और बलि जैसे महत्वपूर्ण प्रसंग सुनाए। जड़ भरत प्रसंग के माध्यम से उन्होंने बताया कि मनुष्य को मोह-माया और अहंकार से दूर रहकर भगवान की भक्ति में मन लगाना चाहिए। जड़ भरत ने सांसारिक मोह त्याग कर भगवान की शरण ली और जीवन को सार्थक बनाया। कथावाचिका ने कहा कि अपने मन और इंद्रियों पर नियंत्रण ही आध्यात्मिक उन्नति का मार्ग है।अजामिल प्रसंग सुनाते हुए उन्होंने कहा कि भगवान का नाम अत्यंत शक्तिशाली है। जीवन भर पाप करने के बाद भी अजामिल ने अपने पुत्र का नाम लेते हुए नारायण पुकारा, और भगवान के दूत उसकी रक्षा के लिए आए। इससे यह स्पष्ट होता है कि सच्चे मन से भगवान का नाम लेने मात्र से पाप नष्ट हो जाते हैं और मोक्ष की प्राप्ति संभव है। प्रह्लाद प्रसंग में राधेकृपा साक्षी ने बताया कि सच्ची भक्ति के सामने कोई भी संकट टिक नहीं सकता। प्रह्लाद ने कठिन परिस्थितियों में भी भगवान का स्मरण नहीं छोड़ा, और इसी कारण भगवान नरसिंह अवतार लेकर प्रकट हुए। उन्होंने कहा कि भगवान अपने भक्तों की रक्षा हर हाल में करते हैं।गजेन्द्र मोक्ष प्रसंग के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि जब जीव संकट में भगवान को पुकारता है, तो वे स्वयं उसकी सहायता के लिए प्रकट होते हैं। गजेन्द्र को मगरमच्छ के चंगुल से मुक्त कराना दर्शाता है कि संकट के समय भगवान का स्मरण सबसे बड़ा सहारा है। बलि प्रसंग में राधेकृपा साक्षी ने दान, त्याग और समर्पण का महत्व बताया। राजा बलि ने वामन अवतार को तीन पग भूमि दान में देकर यह सिद्ध किया कि सच्चा दान अहंकार रहित और समर्पण भाव से किया गया दान ही है।कथा में भगवान श्रीकृष्ण के जन्म का प्रसंग सुनते ही श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे और पूरा परिसर भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव के जयकारों से गूंज उठा। जैसे ही कथा में जन्म का प्रसंग आया, पूरा पंडाल “नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की” के जयघोष से भर गया और श्रद्धालु भक्ति में झूमते नजर आए।कथावाचिका ने बताया कि कलयुग में श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण मात्र ही मनुष्य को मोक्ष प्रदान करता है। भागवत कथा सुनने से मन को शांति मिलती है और अहंकार नष्ट होता है। कृष्ण जन्मोत्सव के अवसर पर भगवान श्रीकृष्ण के स्वरूप में सजे नन्हें बालक के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। जब पृथ्वी पर अत्याचार और अधर्म बढ़ गया, तब भगवान श्रीकृष्ण ने देवकी के आठवें पुत्र के रूप में जन्म लेकर कंस का संहार किया और धर्म की स्थापना की। कथावाचिका ने रामचरितमानस की कथा और चन्द्रवंश का वर्णन भी किया, जिससे श्रद्धालुओं ने गहरी भक्ति का अनुभव किया। कथा के अंत में आरती और भजन-कीर्तन का आयोजन किया गया। आयोजकों ने बताया कि यह सात दिवसीय कथा आगामी दिनों में भी जारी रहेगी, जिसमें प्रतिदिन विभिन्न धार्मिक प्रसंग सुनाए जाएंगे और क्षेत्र के श्रद्धालुओं में भक्ति एवं आध्यात्मिक उत्साह बढ़ता रहेगा।

    Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Previous Articleफतेहपुर प्रखंड में डॉ. अंबेडकर आवास योजना के आवेदनों की गहन जांच
    Next Article मुसाबानी में कुष्ठ रोग खोज अभियान का निरीक्षण, बच्चों में संक्रमण रोकने पर जोर

    Related Posts

    अंबा में मई दिवस पर शहीद मजदूरों को श्रद्धांजलि, सीपीआईएम ने मजदूर एकता का लिया संकल्प

    May 1, 2026

    गोड्डा में स्व-गणना अभियान को बढ़ावा, मंत्री ने की नागरिकों से सक्रिय भागीदारी की अपील

    May 1, 2026

    ऑनलाइन स्व-गणना अभियान में भागीदारी से मजबूत होगा विकास का आधार:विधानसभाध्यक्ष

    May 1, 2026

    Comments are closed.

    अभी-अभी

    अंबा में मई दिवस पर शहीद मजदूरों को श्रद्धांजलि, सीपीआईएम ने मजदूर एकता का लिया संकल्प

    गोड्डा में स्व-गणना अभियान को बढ़ावा, मंत्री ने की नागरिकों से सक्रिय भागीदारी की अपील

    ऑनलाइन स्व-गणना अभियान में भागीदारी से मजबूत होगा विकास का आधार:विधानसभाध्यक्ष

    जनगणना-2027: जामताड़ा में स्व-गणना अभियान की शुरुआत, 15 मई तक भरें ऑनलाइन फॉर्म

    कपाली में पुलिस की बड़ी कार्रवाई, संदिग्ध कार से चार मवेशी बरामद, चालक फरार।

    मजदूर दिवस पर टाटा मोटर्स वर्कर्स यूनियन परिसर से निकला रैली , इंटक के तमाम शीर्ष नेता हुए शामिल।

    मजदूर दिवस पर मानवता का महादान, शीला मेमोरियल फाउंडेशन ने आयोजित किया भव्य रक्तदान शिविर

    मजदूर दिवस पर सफाईकर्मियों का सम्मान, जदयू ने भेंट किए हॉट-पॉट लंच बॉक्स।

    मॉडर्न इंग्लिश स्कूल में मजदूर दिवस पर नन्हे बच्चों ने किया श्रम की गरिमा को सलाम

    जमशेदपुर: जनगणना 2026 की तैयारी तेज, पहली बार पूरी प्रक्रिया होगी डिजिटल

    Facebook X (Twitter) Telegram WhatsApp
    © 2026 News Samvad. Designed by Cryptonix Labs .

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.