गोपाल मैदान में मिथिला सांस्कृतिक परिषद का द्वि-दिवसीय विद्यापति स्मृति पर्व शुरू
राष्ट्र संवाद संवाददाता
जमशेदपुर : बिष्टुपुर स्थित गोपाल मैदान में मिथिला सांस्कृतिक परिषद द्वारा आयोजित दो दिवसीय विद्यापति स्मृति पर्व समारोह 2026 का शुभारंभ शनिवार को हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत गोसाउनि गीत और भगवती वंदना से हुई। इसके बाद मुख्य अतिथि जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय, उषा रानी झा, समाजसेवी विकास सिंह और शिव शंकर सिंह सहित अन्य अतिथियों ने महाकवि विद्यापति के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया।
अपने संबोधन में विधायक सरयू राय ने कहा कि महाकवि विद्यापति के गीतों में प्रकृति, पर्यावरण और भक्ति की गहरी झलक मिलती है। उन्होंने कहा कि झारखंड में भोजपुरी, मगही और मैथिली जैसी भाषाओं को बचाने के लिए समाज को संघर्ष करना होगा और संविधानिक अधिकारों के तहत अपनी संस्कृति और भाषा के संरक्षण के लिए प्रयास जारी रखना होगा।
महोत्सव में मैथिली लोकगीत, भाव नृत्य और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से मिथिला की समृद्ध परंपरा को प्रस्तुत किया गया। कलाकार दिव्य रत्न और वरुण झा के नेतृत्व में विद्यापति गीतों पर आधारित नृत्य प्रस्तुत किया गया। कार्यक्रम में महाकवि विद्यापति, लाल दास, चंदा झा, हरिमोहन झा, गोविंद दास और अन्य साहित्यकारों की पुस्तकों के स्टॉल भी लगाए गए हैं।
समारोह के दौरान परिषद की ओर से केंद्र और राज्य सरकार के समक्ष मांग पत्र भी रखा गया। इसमें टाटानगर से जयनगर तक ट्रेन सेवा बढ़ाने, सीबीएसई पाठ्यक्रम में मैथिली को वैकल्पिक भाषा में शामिल करने, झारखंड में मैथिली अकादमी गठन तथा कोल्हान विश्वविद्यालय में स्नातकोत्तर स्तर तक मैथिली की पढ़ाई शुरू करने की मांग की गई।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में शहर के मैथिल परिवार शामिल हुए। वहीं मिथिला महिला समूह द्वारा पारंपरिक व्यंजनों के साथ आनंद मेला में करीब 20 स्टॉल भी लगाए गए। कार्यक्रम का संचालन राजेश कुमार झा ने किया, जबकि अंत में धन्यवाद ज्ञापन अमर कुमार झा ने किया।

