यूसील भाटिन माइंस में ठेका कंपनी पर मजदूरों के शोषण का आरोप, 15 मार्च तक कैंटीन शुरू नहीं हुई तो आंदोलन की चेतावनी
राष्ट्र संवाद संवाददाता
जादूगोड़ा :यूसील की भाटिन माइंस में कार्यरत ठेका कंपनी एमएफबी जियो टेक पर मजदूरों के शोषण के गंभीर आरोप लगे हैं। ठेका मजदूरों और ग्राम सभा की ओर से कंपनी को लिखित रूप से चेतावनी दी गई है कि 15 मार्च तक कैंटीन की सुविधा शुरू की जाए, अन्यथा आंदोलन किया जाएगा।
मजदूरों का कहना है कि माइंस में अब तक कैंटीन की व्यवस्था नहीं होने के कारण उन्हें कई बार भूखे पेट ही काम करना पड़ता है, जिससे उनकी तबीयत भी खराब हो रही है। विशेषकर गर्मी के दिनों में सुबह से ही काम पर आने वाले मजदूरों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है और इससे उन्हें आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ रहा है।

भाटिन पंचायत के मुखिया राम सोरेन ने बताया कि कई मजदूरों का बीटीसी का पैसा दो साल से अधिक समय से ठेका कंपनी द्वारा भुगतान नहीं किया गया है। इसको लेकर कई बार कंपनी को चेतावनी भी दी गई, लेकिन अब तक भुगतान नहीं हुआ। वहीं दो साल से अधिक समय से कार्यरत मजदूरों के वेतन में भी कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है। स्किल मजदूरों को भी अनस्किल के बराबर ही भुगतान किया जा रहा है, जिससे मजदूरों में भारी नाराजगी है।
मजदूरों ने यह भी आरोप लगाया कि बाहर से आए मजदूरों को स्थानीय मजदूरों की तुलना में अधिक वेतन दिया जा रहा है। इसके अलावा मेडिकल भत्ता, कपड़ा-जूता, साबुन और अंडरग्राउंड भत्ता जैसे सुविधाओं का भी भुगतान नहीं किया जा रहा है। मजदूरों से निर्धारित समय से अधिक काम कराया जाता है, लेकिन इसके बदले ओवरटाइम का भुगतान भी नहीं किया जाता।
माइंस में सुरक्षा व्यवस्था को भी मजदूरों ने जर्जर बताया है। उनका कहना है कि सुरक्षा के अभाव में कई बार दुर्घटनाएं हो चुकी हैं और मजदूर घायल भी हुए हैं, लेकिन शिकायत के बावजूद पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था नहीं की जा रही है।
मजदूरों का यह भी कहना है कि 60 वर्ष से अधिक उम्र के कई मजदूर अब भी कार्यरत हैं, जिन्हें हटाया नहीं गया है, जिससे स्थानीय युवाओं को रोजगार का अवसर नहीं मिल पा रहा है।
मामले में यह भी आरोप लगाया गया है कि माइंस के मैकेनिक अधिकारी एस.के. सिंह पिछले 15 वर्षों से एक ही स्थान पर पदस्थापित हैं और उनके द्वारा ठेका कंपनी को लगातार फायदा पहुंचाया जा रहा है। उन्हें हटाने की मांग कई बार की जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
मुखिया राम सोरेन ने कहा कि यदि जल्द ही बीटीसी का बकाया भुगतान नहीं किया गया और मजदूरों की समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, तो आंदोलन किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी यूसील प्रबंधन की होगी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि ठेका कंपनी द्वारा सीएसआर के कार्य भी सही तरीके से नहीं किए जा रहे हैं।

