बिना शिलापट स्वास्थ्य उपकेंद्र का शिलान्यास, ठेकेदार की मनमानी पर उठे सवाल
राष्ट्र संवाद संवाददाता
जादूगोड़ा:ग्राम पंचायत माटीगोडा के अंतर्गत ग्राम स्वासपुर में प्रस्तावित स्वास्थ्य उपकेंद्र का शिलान्यास नारियल फोड़कर किया गया, लेकिन यह कार्यक्रम कई गंभीर अनियमितताओं के कारण विवादों में घिर गया है। शिलान्यास बिना शिलापट के किया गया, जिससे कार्य की पारदर्शिता और वैधानिकता पर प्रश्नचिह्न लग गया है।
स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों के अनुसार, शिलान्यास के समय न तो प्राकलन (एस्टिमेट) राशि की जानकारी दी गई और न ही यह स्पष्ट किया गया कि यह कार्य किस योजना के अंतर्गत कराया जा रहा है। ऐसे में आरोप है कि ठेकेदार श्रीराम कंस्ट्रक्शन ने शुरुआत से ही मनमानी रवैया अपनाना शुरू कर दिया है। बिना शिलापट के शिलान्यास को महज औपचारिकता बताते हुए इसे “नाममात्र का कार्यक्रम” करार दिया जा रहा है।
कार्यक्रम में पूर्व जिला परिषद सदस्य बाघराय मार्डी, घाटशिला विधायक प्रतिनिधि सह झामुमो प्रखंड अध्यक्ष प्रधान सोरेन, मुखिया बॉबी मार्डी, पंचायत समिति सदस्य गोरा पूर्ति, सुशेन कालिंदी, वरुण सिंह सहित कई वार्ड सदस्य और ग्रामीण उपस्थित रहे। हालांकि, उपस्थित जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी के बावजूद बुनियादी जानकारी का अभाव प्रशासनिक लापरवाही को उजागर करता है।
इस संबंध में विधायक प्रतिनिधि प्रधान सोरेन ने बताया कि शिलापट नहीं होने को लेकर उन्होंने ठेकेदार के मुंशी से आपत्ति दर्ज कराई थी। इस पर मुंशी द्वारा जल्द शिलापट लगाने का आश्वासन दिया गया, लेकिन फिलहाल मौके पर कोई लिखित विवरण या सूचना पट उपलब्ध नहीं है।
ग्रामीणों का कहना है कि स्वास्थ्य जैसे संवेदनशील क्षेत्र में होने वाले निर्माण कार्य में प्रारंभ से ही पारदर्शिता जरूरी है। बिना शिलापट और योजना विवरण के कार्य शुरू होना न केवल नियमों का उल्लंघन है, बल्कि भविष्य में गुणवत्ता और जवाबदेही पर भी सवाल खड़े करता है। स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन से मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की मांग की है, ताकि स्वास्थ्य उपकेंद्र का निर्माण नियमों के अनुरूप और जनहित में हो

