भुगतान के बाद यूसीएल अस्पताल में दवा आपूर्ति बहाल, 1.07 करोड़ जारी; डॉक्टरों की कमी से सेवाएं अब भी प्रभावित
राष्ट्र संवाद संवाददाता
जादूगोड़ा:यूसीएल अस्पताल में दवाई आपूर्ति ठप होने के मामले को ‘राष्ट्र संवाद’ द्वारा लगातार प्रमुखता से उठाए जाने के बाद सोमवार को यूसील प्रबंधन ने आउटसोर्सिंग कंपनी के के फार्मा को 1 करोड़ 7 लाख रुपये का भुगतान कर दिया। भुगतान दिसंबर माह तक की दवा आपूर्ति का किया गया है। करीब चार करोड़ रुपये बकाया रहने के कारण कंपनी मरीजों को दवाई उपलब्ध नहीं करा पा रही थी, जिससे मरीजों—खासकर शुगर और बीपी के रोगियों—को भारी परेशानी उठानी पड़ रही थी।
प्रबंधन ने के के फार्मा को दो वर्षों के लिए ब्रांडेड दवाओं की आपूर्ति का टेंडर दिया है, जिसमें जादूगोड़ा, नरवा और तुरामडीह अस्पताल शामिल हैं। भुगतान में देरी के पीछे यूसील में लागू नए ईआरपी सिस्टम को कारण बताया गया है। अधिकारियों का कहना है कि शेष राशि का भुगतान भी जल्द किया जाएगा।
भुगतान के बाद दवा आपूर्ति बहाल होने की उम्मीद जगी है, लेकिन अस्पताल की अन्य व्यवस्थाएं अब भी चिंताजनक हैं। लगातार सेवानिवृत्ति के कारण डॉक्टरों की संख्या घटकर सात रह गई है, जबकि पहले 15 डॉक्टर कार्यरत थे। 29 नर्सों के स्थान पर अब केवल 12 ही बची हैं। स्पेशलिस्ट डॉक्टरों के अभाव में चिल्ड्रन वार्ड और ऑपरेशन थिएटर बंद पड़े हैं। बेड जर्जर हैं और वर्षों से एसी की मांग लंबित है।
ऐसे में दवा आपूर्ति शुरू होने के बावजूद अस्पताल की समग्र स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार की जरूरत बनी हुई है।

